दमोह के रजपुरा थाना क्षेत्र में 10 माह पुरानी हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गला घोंटकर जिंदा जलाने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह हत्या जमीनी विवाद के चलते की गई थी। आरोपियों को बुधवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला 9 फरवरी 2025 को शुरू हुआ, जब मगरोन थाना में कनौरा रामनगर निवासी जागेश्वर अठ्या के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद 12 फरवरी को परिजनों ने रजपुरा पुलिस को सूचना दी कि सिंगपुर पंचायत के अंतर्गत इमलीपुरा जंगल में जागेश्वर अठ्या को जलाया गया है। सूचना मिलने पर रजपुरा पुलिस, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को पत्थरों के बीच किसी व्यक्ति को जलाने के अवशेष और जले हुए मोबाइल के टुकड़े मिले। परिजनों ने गांव के भगत बसयान पर हत्या का संदेह जताया था। मृतक के पुत्र के अनुसार, उसके पिता ने आखिरी बार भगत बसयान के साथ होने की बात कही थी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और वे लापता हो गए। तलाश के दौरान इमलीपुरा के जंगल में केवल जलने के अवशेष ही मिले थे। जागेश्वर और भगत के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। थाना प्रभारी सरदार सिंह ने बताया कि जिस व्यक्ति पर परिजनों ने संदेह जताया था, उससे लगातार पूछताछ की जा रही थी। संदेहियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता था, लेकिन साइबर सेल टीम उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक और भगत बसयान ने जिस मकान में आखिरी बार पार्टी की थी, उसके मालिक सुममेर भील से भगत का अधिक संपर्क था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस को सफलता मिली। दोनों आरोपियों ने शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने और फिर शव को जिंदा जलाने की बात कबूल की। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी सरदार सिंह, सहायक उपनिरीक्षक इंद्राज सिंह ठाकुर और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


