जमीन महंगी और अधिग्रहण भी मुश्किल:MSME – अब निजी जमीनों पर बन रहे औद्योगिक क्षेत्र

जमीनों के बढ़ते दाम और अधिग्रहण में आने वाली मुश्किलों के चलते अब एमएसएमई सेक्टर में निजी जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बन रहे हैं। एमएसएमई विभाग का पूरे प्रदेश में कुल 30 औद्योगिक क्षेत्र बनाने का प्लान है, जबकि 12 बनकर तैयार हैं। इनमें 583 औद्योगिक प्लॉट उपलब्ध हो चुके हैं। इनमें काम करने वाली इकाइयों को सरकार की हर योजना, सब्सिडी, लोन गारंटी आदि का फायदा मिलेगा। इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए सरकार आधारभूत संरचना जैसे रोड, जलापूर्ति, बिजली सप्लाई आदि के लिए 40 लाख प्रति हेक्टेयर, अधिकतम 40 करोड़ प्रति प्रोजेक्ट तक सहायता भी देगी। प्रोजेक्ट तैयार हो जाने के बाद उसका संचालन, प्लाट बेचना और अन्य काम निजी डेवलपर ही करेंगे। जमीनों की किल्लत ही है इसकी प्रमुख वजह वर्तमान में बढ़ते हुए जमीनों के दाम और सरकार द्वारा निजी भूमि के अधिग्रहण में आने वाली दिक्कतों के चलते अब निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मोड पर उद्योगों के लिए जगह जुटाई जा रही है। एमएसएमई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि छोटे-मध्यम उद्योगों को सस्ती जमीनें चाहिए जो ढूंढना सरकार के लिए मुश्किल है। इसलिए निजी क्षेत्र को जोड़ा गया है। साथ ही एमएसएमई औद्योगिक क्षेत्रों में कम सुविधाएं रहती हैं, इसलिए निवेशक उन्हें कई बार छोड़कर शहर के आसपास निजी जमीनों की तलाश में रहते हैं। ^ज्यादातर निजी औद्योगिक क्षेत्र इंदौर जिले के आसपास ही बन रहे हैं। इन्हें सभी सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी। मई 2024 से शुरू हुई औद्योगिक प्लॉट की ऑनलाइन नीलामी में 1250 प्लॉट पोर्टल पर डाले जा चुके हैं, इनमें से 1170 के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो चुके।-दिलीप कुमार, कमिश्नर,एमएसमई

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