रांची एयरपोर्ट के आसपास के तीन मौजा हुंडरू, हेथू और हिनू के सैकड़ों रैयतों व ग्रामीणों ने जमीन की मापी को रोकने और प्रशासन, सेना व ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने की मांग को लेकर अरगोड़ा अंचल कार्यालय के समक्ष आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सेना व रैयतों के बीच दूसरे विश्व युद्ध के बाद से जारी जमीन विवाद का निपटारा किया जाए। इसके पूर्व बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा के बैनर तले एयरपोर्ट रोड स्थित देवठान जतरा स्थल से जुलूस निकाला गया। यह जुलूस हिनू चौक से इंदिरा पैलेस होते हुए अंचल कार्यालय पहुंचा। यहां प्रदर्शन किया गया, इसके बाद जनसभा भी हुई। लोग सेना की मनमानी नहीं चलेगी, सेना के अवैध कब्जे वाली जमीन रैयतों को वापस करो, सीओ अरगोड़ा अंचल की मिली भगत से जमीन लूट बंद करो… आदि नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन में शामिल लोगों के आक्रोश को देख कर अरगोड़ा सीओ किसी बहाने से वहां से निकल गए। इससे ग्रामीण और आक्रोशित हो गए। क्योंकि, प्रदर्शन के पूर्व लिखित सूचना देने के बावजूद अंचल सीओ फरार हो गए। कार्यक्रम के माध्यम से प्रभारी अंचल निरीक्षक को मांग पत्र भी सौंपा गया। मौके पर हुई जनसभा की अध्यक्षता अजीत उरांव ने की, संचालन प्रकाश टोप्पो ने किया। पुष्पा तिर्की, सुरेश गोप, छोटेलाल गोप, विनय कच्छप, कमल झा, विजय कच्छप, सूरज कच्छप, विनोद गाड़ी, बिरसा मुंडा, तेतरा उरांव, अमित कच्छप, रोहित तिर्की आदि ने जनसभा को संबोधित किया और कहा कि यदि अंचल कार्यालय द्वारा ग्रामीणों को बगैर सूचना दिए जमीन की मापी की जाती है तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे। इससे किसी तरह की कोई अशांति होती है तो इसकी जिम्मेदारी सीओ की होगी। सभा के अंत में आंदोलन को तेज करने के लिए अगला घेराव प्रदर्शन कार्यक्रम नामकुम अंचल में करने का निर्णय लिया गया।


