अजमेर रोड पर स्थित हीरापुरा बस स्टैंड के पहले फेज की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही शहर में बस संचालन का पैटर्न बदलना शुरू हो गया है। अब जयपुर से अजमेर और आसपास के रूट पर जाने वाली बसें सीधे हीरापुरा बस स्टैंड से रवाना हो रही हैं। इस बदलाव के चलते 200 फुट चौराहे पर बसों का ठहराव पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने इस बस स्टैंड पर करीब 7 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए हैं। यह राजस्थान राज्य बस अड्डा विकास प्राधिकरण का पहला ऐसा बस स्टैंड है, जहां एक ही परिसर से रोडवेज और प्राइवेट बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन यात्रियों के लिए बस स्टैंड से आने जाने के लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। ऑटो, बस और अन्य लोकल साधनों की कमी के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च झेलना पड़ रहा है। राजस्थान राज्य बस अड्डा विकास प्राधिकरण के संभाग प्रबंधक राकेश मीणा ने बताया- पहले फेज में हीरापुरा बस स्टैंड से फिलहाल 200 बसों का संचालन शुरू किया गया है। आने वाले समय में यहां से 500 से ज्यादा बसें चलाने की योजना है। रोडवेज के साथ प्राइवेट बसों के संचालन से शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करने का दावा किया जा रहा है। इससे सिंधी कैंप और 200 फुट चौराहे जैसे इलाकों में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। 17 प्लेटफॉर्म, 16 टिकट विंडो, 180 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था राकेश मीणा ने बताया- हीरापुरा बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यहां कुल 17 प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। टिकट के लिए 16 टिकट विंडो शुरू की गई हैं। यात्रियों के बैठने के लिए करीब 180 लोगों की क्षमता वाली वेटिंग एरिया तैयार की गई है। पहले फेज में 133 बसों का संचालन पहले चरण में रोडवेज की अजमेर रूट पर चलने वाली 133 बसों का संचालन हीरापुरा बस स्टैंड से किया जा रहा है। इसके अलावा खाटूश्यामजी रूट की 76 बसें भी यहीं से चलाई जा रही हैं। सिंधी कैंप बस स्टैंड के मुख्य प्रबंधक राकेश राय को हीरापुरा बस स्टैंड का प्रभारी बनाया गया है। दूसरे फेज में सिंधी कैंप से हटेंगी लोक परिवहन और प्राइवेट स्लीपर बसें दूसरे फेज में लोक परिवहन और प्राइवेट स्लीपर बसों का सिंधी कैंप बस स्टैंड पर ठहराव पूरी तरह बंद किया जाएगा। इसके बाद शहर से बाहर जाने वाली ज्यादातर बसें हीरापुरा बस स्टैंड से ही संचालित होंगी। प्रशासन का फोकस है कि शहर के बीचोंबीच बसों की आवाजाही कम हो और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके। पैसेंजर्स की बढ़ी परेशानी हालांकि बस स्टैंड की शुरुआत के साथ ही यात्रियों की परेशानी भी सामने आ रही है। हीरापुरा बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए अभी लोकल ट्रांसपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शहर के अंदर से आने-जाने वाले पैसेंजर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय ऑटो, बस और अन्य लोकल साधनों की कमी के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च झेलना पड़ रहा है।


