यात्री भार को देखते हुए जयपुर एयरपोर्ट पर तीसरे टर्मिनल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नए साल से इसका काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए पर्याप्त क्षमता के टर्मिनल भवन उपलब्ध हो जाएंगे। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मास्टर प्लान के मुताबिक एयरपोर्ट पर न सिर्फ नया टर्मिनल भवन बनाया जाएगा, बल्कि मौजूदा टर्मिनल में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और इसे वर्ल्ड क्लास बनाने की कवायद भी की जाएगी। इस पर करीब 5998 करोड़ रुपए से नए विकास कार्य होंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट पर एक नया इंटिग्रेटेड टर्मिनल भवन टी-3 बनना प्रस्तावित है। साथ ही टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 पर नए विकास कार्य कराए जाएंगे। टर्मिनल-3 को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा जल्द ही इंटरनेशनल लेवल पर टेंडर निकाला जाएगा, जिसमें दुनिया की कंपनियों से निर्माण को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित (ईओआई) किए जाएंगे। बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 55 लाख यात्रियों ने यात्रा की है। अभी 34 विमानों के लिए एप्रन, 25 से 30 और बनेंगे एयरपोर्ट प्रशासन का अनुमान है कि मार्च 2027 तक यात्री भार 98 लाख हो जाएगा। उनको पर्याप्त सुविधाएं देने के लिए नया टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। टर्मिनल-2 में भी अतिरिक्त बोर्डिंग गेट और प्रवेश द्वार शुरू किए जा रहे हैं। वेटिंग एरिया में अतिरिक्त लोगों के बैठने, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम में सुधार, पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन का निर्माण किया जाएगा। यात्रीभार को देखते हुए टर्मिनल बिल्डिंग के साथ विमानों की पार्किंग क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में एयरपोर्ट पर 34 विमानों की पार्किंग की जा सकती है। आने वाले समय में उत्तर-पश्चिमी एप्रन को भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 99 करोड़ की लागत से टैक्सी-वे का निर्माण किया जाएगा। इंटरनेशनल फ्लाइट्स वाले टर्मिनल-1 के पास भी विमानों की पार्किंग के लिए एप्रन बनेगा, जिस पर करीब 31 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दोनों मिलाकर करीब 25-30 एप्रन नए बनेंगे। टर्मिनल-2 से आगे स्टेट हैंगर की तरफ बनेगा टर्मिनल-3


