झालावाड़ में बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए गए। जयपुर डिस्कॉम कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहीं गायत्री शक्तिपीठ पर दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जयपुर डिस्कॉम) के झालावाड़ स्थित कार्यालय में कार्मिक अधिकारी डॉ. अभिनव शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने माँ सरस्वती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। डॉ. अभिनव शर्मा ने अपने संबोधन में बसंत पंचमी को ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि नेताजी का संदेश आज भी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि हर कार्यालय में अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने से होता है। विद्युत विभाग के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति देने को अपना संकल्प मानना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों ने नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए कार्य संस्कृति को और अधिक सकारात्मक, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यालय के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसी क्रम में, गायत्री शक्तिपीठ झालावाड़ पर बसंत पंचमी के पावन पर्व पर दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रवक्ता ओम पाठक ने बताया कि गुरुवार को प्रातः काल से अखंड गायत्री मंत्र जाप और सायं काल दीपयज्ञ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रातः काल गायत्री मंदिर पर मुख्य ट्रस्टी शैलेंद्र यादव और उनकी धर्मपत्नी अन्नू यादव ने गायत्री माता, मां सरस्वती और गुरुदेव की पूजा अर्चना की। इसके बाद पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ किया गया तथा विभिन्न प्रकार के संस्कार सम्पन्न कराए गए। महायज्ञ में सुख-समृद्धि के लिए आहुति दी गई, जिसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ। इन सभी आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में गायत्री परिवार के सदस्यों सहित अनेक भक्तजनों ने भाग लिया।


