जयपुर के नगर निगमों के एकीकरण की कवायद शुरू कर दी गई है। हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगमों को एक करके जयपुर निगम बनाने का नोटिफिकेशन जारी करते ही राजधानी में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। सरकार ने जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को वर्ष 2011 की जनसंख्या 35 लाख के आधार पर 150 वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा होता है तो राजधानी में 100 पार्षद निगम चुनाव में बाहर हाे जाएंगे और इनके सामने सियासी जमीन तलाशने का संकट खड़ा हाे जाएगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजधानी में वर्तमान की 50 लाख जनसंख्या के आधार पर वार्डों का गठन किया जाए तो करीब 214 वार्ड बन सकते हैं। गाइडलाइन; 1 वार्ड 2 मकानों को नहीं बांटेगा राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू की तैयारियां राज्य निर्वाचन आयोग ने भी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर आगामी निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोटर लिस्ट बनाने के आदेश जारी किए हैं। उनको एक सप्ताह में डाटा इकट्ठा करने वालों की सूची तैयार कर ड्यूटी लगाने को कहा है। एक वार्ड जेडीए के एक ही जोन में रहेगा; एक वार्ड को जेडीए के एक ही जोन में रखना होगा। परिसीमन व वार्डों के पुनर्गठन में आबादी पर 15% छूट
सरकार ने परिसीमन व वार्डों के पुनर्गठन के निर्देशों में कहा है कि यह संभव नहीं है कि सभी वार्डों की जनसंख्या का अनुपात समान हो। ऐसे में जनसंख्या आधार के तय पैमाना 15% कम या ज्यादा हो सकता है।


