जयपुर पुलिस ने शातिर ठग को गुडगांव से पकड़ा:एटीएस में अधिकारी होना बताकर मिलता, रेंटल कार को ऑनर बनकर बेचता

जयपुर पुलिस ने एक शातिर ठग को गुडगांव से पकड़ा है। एटीएस में अधिकारी होना बताकर लोगों से मिलकर अपने जाल में फांसता था। सेल्फ ड्राइविंग के लिए ऑनलाइन बुक की रेंटल कार को खुद ऑनर होना बताकर बेच रुपए ठगता था। रामगंज थाना पुलिस की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। DCP (नॉर्थ) राशि डोगरा डूडी ने बताया- ठगी के मामले में आरोपी रिषभ अजमेरा (40) निवासी गुप्टूर आंधप्रदेश हाल सिरसी रोड बिंदायका को अरेस्ट किया है। फेक डॉक्यूमेंट से रेंटल कार को बेचने की शिकायत रामगंज थाने में दर्ज हुई थी। SHO (रामगंज) देवेन्द्र प्रताप के नेतृत्व में टीम ने मोबाइल लोकेश के आधार पर गुडगांव में दबिश दी। काफी मशक्कत के बाद गुडगांव के इफ्को चौक से आरोपी रिषभ अजमेरा को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर लोगों से मिलकर अपने जाल में फांसना बताया। सेल्फ ड्राइविंग के लिए ऑनलाइन ली रेंटल कार को ऑनर बनाकर बेचकर ठगी करना स्वीकार किया। किराए की कार का 7.40 लाख रुपए में सौदा
घाटगेट बाजार रामगंज निवासी जावेद जोया (25) ने 5 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज करवाई। करीब 4-5 महीने पहले साथ क्रिकेट खेलने पर रिषभ अजमेरा से मुलाकात हुई थी। जान-पहचान के दौरान उसने खुद को एटीएस में अधिकारी होना बताया। उसके साथ ही गाड़ियों की खरीद-फरोख्त व कमीशन का भी काम करना बताया। रिषभ अजमेरा ने वॉट्सऐप कॉल कर उसकी पोस्टिंग गुडगांव में होना बताया। जिसके कारण उसकी कार को बेचने के बारे में बताया। कार की फोटो व डॉक्यूमेंट वॉट्सऐप पर भेजकर सौदा 7.40 लाख रुपए में तय किया। पैसे लेकर बुलाया गुडगांव
कार लेकर जयपुर आने की कहने पर रिषभ अजमेरा ने सरकारी काम में व्यस्त होना बताया। उसे पैसे लेकर गुडगांव आने के लिए बुलाया। दोस्त के साथ वह कार लेने गुडगांव पहुंचा। KIA कार पसंद आने पर डॉक्यूमेंट लेकर 7.40 लाख रुपए दे दिए। कार लेकर जयपुर आकर आरटीओ ऑफिस में नाम ट्रांसफर करवाने गए। कार के डॉक्यूमेंट फर्जी होने का पता चलने पर रिषभ अजमेरा से कॉन्टैक्ट किया। हर बार कॉन्टैक्ट करने पर नया बहाना बनाकर टालमटोल करता। पहले भी कर चुका वारदात
पूछताछ में आरोपी ने बताया- उसने मेल आईडी के जरिए दो दिन के लिए सेल्फ ड्राइविंग के लिए KIA कार बुक करवाई थी। कार लेने नहीं जाने पर कंपनी का वर्कर उसके पास आकर कार और डॉक्यूमेंट दे गया। कार को जावेद जोया को बेच कर रुपए ले लिए। उसके बाद ऑनलाइन दूसरी कंपनी से ब्रिजा कार लेकर बेचना चाहता था। जिसकी फोटो जावेद जोया को भी भेजी थी। इससे पहले क्रेटा कार को संभर लेक जयपुर में एक व्यक्ति को बेचना तय हुआ। उस व्यक्ति से 70 हजार रुपए लेकर कार नहीं दी।

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