जयपुर फैमिली कोर्ट ने एक अहम फैसले में पति को तलाक की डिक्री जारी की है। अदालत ने कहा कि विवाह के बाद भी पत्नी का किसी और व्यक्ति से रिश्ता होना और पति के साथ वैवाहिक जीवन से इनकार करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। जयपुर निवासी युवक की शादी सीकर की युवती से 3 फरवरी 2020 को हुई थी। पति का आरोप था कि पत्नी ने शादी के बाद से ही उसे पति-पत्नी जैसा अधिकार नहीं दिया और किसी और व्यक्ति से रिश्ते बनाए रखे। पत्नी ने इसके उलट सीकर महिला थाने में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करवा दिया और 10 लाख रुपए की मांग भी की। पति ने दिए चैट और वीडियो सबूत
पति ने अदालत में मोबाइल चैट, फोटो और वीडियो जैसे सबूत पेश किए। पुलिस जांच में भी यह साबित हुआ कि शादी के बाद पत्नी केवल 16-17 दिन ही ससुराल में रही और इसी दौरान उसके किसी और व्यक्ति रिश्ता रखा। पहले भी विवादों में रहा था नाम पत्नी का पक्ष – पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति शराब का आदी था और अक्सर मारपीट करता था। उसका दावा था कि पति ने मोबाइल एडिटिंग कर उसके नाम से गलत सामग्री फैलाई और उसका स्त्रीधन भी रोक रखा। 6 बड़े सबूतों से मजबूत हुआ केस – सुनवाई में 6 सबूत निर्णायक साबित हुए- एफआईआर की कॉपियां, चैट रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और गवाहों के बयान। अदालत ने माना कि ससुराल पक्ष ने न तो दहेज की मांग की और न ही प्रताड़ित किया। अदालत का फैसला – फैमिली कोर्ट ने कहा कि पत्नी के आरोप निराधार हैं। यह सिद्ध हुआ कि विवाह के बाद भी उसने किसी अन्य व्यक्ति से रिश्ता रखा और पति से दूरी बनाए रखी। अदालत ने इसे गंभीर मानसिक क्रूरता मानते हुए पति की याचिका को सही ठहराया और तलाक मंजूर कर दिया।


