प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के वैशाली नगर, जयपुर सेवाकेंद्र में शनिवार को विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ईश्वरीय ज्ञान के माध्यम से लोगों के आत्मिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम ‘समय की पुकार’ संवाद श्रृंखला का हिस्सा है। यह श्रृंखला ब्रह्मकुमारीज की प्रशासकीय प्रमुख दादी जानकी की प्रेरणा से 1998 में शुरू हुई थी। इन संवादों में दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ नेता एकजुट होते हैं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ब्रह्मकुमारीज की संयुक्त मुख्य प्रशाशिका राजयोगिनी बीके सुदेश बहन थीं। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों की कमियां देखने की बजाय अपनी सोच और कर्म को दिव्यता से भरना चाहिए। इससे विश्व में सच्चा परिवर्तन आएगा। ब्रह्मकुमारीज की आध्यात्मिक प्रभाग प्रमुख बीके मनोरमा ने राजयोग का महत्व समझाया। उन्होंने जीवन में शांति और आनंद के लिए आत्म-चिंतन पर जोर दिया। सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सुषमा ने वर्तमान समय में आध्यात्मिकता की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में जेएनयू के उपकुलपति डॉ. आर.एल. रैना सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस आयोजन ने सभी को आत्मा और परमात्मा के संबंध की अनुभूति कराई। उपस्थित लोगों ने अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा ली।


