जयपुर के जिस वर्धमान स्कूल में चार करोड़ से ज्यादा की रकम कैश मिली, उसमें नया मोड आ गया है। श्री कुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष ने वर्धमान ग्रुप पर जमीन हड़पने की साजिश रचने और करोड़ों रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया है। मानसरोवर थाने में सोसाइटी के अध्यक्ष की ओर से FIR दर्ज करवाई गई है। SI दिनेश चन्द ने बताया- श्री कुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष की ओर से दी शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। उसमें वर्धमान न्यूजेन ऐजुकेशन एकेडमी, उसके निदेशक कमल सेठिया और विवेक सेठिया के खिलाफ आरोप है। मामले में जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया- श्री कुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष दीप चन्द वर्मा (75) नई दिल्ली के वसंत कुंज के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्धमान न्यूजेन ऐजुकेशन एकेडमी, निदेशक कमल सेठिया और विवेक सेठिया के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार, सोसाइटी से लीज पर जमीन लेकर 20 करोड़ से ज्यादा की राशि हड़प ली गई है। गैरकानूनी तरीके से सोसाइटी के 1.10 लाख वर्गफीट एरिया पर निर्माण भी करवाया गया। सोसाइटी की ओर से स्कूल-कॉलेज संचालित किए जाते हैं। सोसाइटी को फरवरी-2000 में राजस्थान आवासन मंडल मानसरोवर जयपुर की ओर से मानसरोवर सेक्टर-3 में 14 हजार 23 वर्ग मीटर की जमीन आवंटित हुई थी। सोसाइटी की ओर से उस जमीन पर स्कूल-कॉलेज का निर्माण किया। 52 हजार वर्ग गज का बिल्टअप एरिया पर स्कूल-कॉलेज में बी.एड व अन्य सेलेब्स की शुरुआत की गई। स्कूल एज्युकेशन को सुपरवाइज व मैनेज करने के लिए अगस्त-2016 को सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट आरोपियों की बातों में आकर किया। 31 अगस्त-2016 को एक इकरारनामा और पावर ऑफ अटर्नी बनाई गई। जिसकी आड़ में आरोपियों की ओर से किए जा रहे कृत्य हाल ही में सामने आए है। एग्रीमेंट की आड में करोड़ों रुपए का गबन कर चुके है। सोसाइटी को अपने झांसे में लेकर एग्रीमेंट की आड में अब तक आरोपियों की ओर से 20 करोड़ रुपए से भी ज्यादा रकम धोखाधड़ी कर हड़प चुके हैं। अवैध कॉमर्शियल एक्टिविटी से कमाया प्रॉफिट
सोसाइटी से सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट के जरिए संपत्ति ली गई। जिसमें बिना किसी अधिकार और एग्रीमेंट की शर्तों के विरूद्ध काम करते हुए आरोपियों ने सोसाइटी की जमीन पर वर्धमान स्पोर्ट्स एकेडमी बना ली। सोसायटी को दिए जाने वाले रुपयों को वर्धमान न्यूजेन ऐजुकेशन एकेडमी में डायवर्ट कर करोड़ों की कमाई कर सोसाइटी में जमा नहीं करवाई। सोसाइटी की प्रॉपर्टी पर गैरकानूनी एक्टिविटी करके खुद ही रसीदें छाप कर बच्चों से पैसा लेकर सोसाइटी को चूना लगाया। आरोपियों की ओर से नाजायज फायदा कमाने की नीयत से सोसाइटी की ओर से बनाए स्कूल-कॉलेज परिसर में अवैध गेम जोन चलाया जा रहा है। राजस्थान आवासन बोर्ड की ओर से जारी अलॉटमेंट लेटर, लीज डीड के अनुसार कॉमर्शियल एक्टिविटी है, जिसकी किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं होने के बाद भी आरोपियों की ओर से अवैध कॉमर्शियल एक्टिविटी अवैध रूप से प्रॉफिट कमाने के लिए की जा रही है। करोड़ों के हिसाब में हेरा-फेरी
सोसाइटी की ओर से धोखाधड़ी का पता चलने पर सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट को नोटिस देकर निरस्त कर दिया है। उसके बाद आरोपियों ने जबाव नोटिस मई-2025 को दिया। जिससे पता चला कि 1800 बच्चे हैं। वेबसाइट पर दिखाई फीस 81 हजार रुपए, एडमिशन फीस के 81 हजार रुपए है। इस तरह 1.62 लाख रुपए फीस बताई गई है। आंकड़े देखकर सोसाइटी को अचम्भा हुआ कि अगर 300 बच्चे नए आने माना जाए तो साल-2023-2024 में 1500 बच्चों की गिनती के हिसाब से 81 हजार प्रति बच्चे की फीट के पेटे रुपए 12.15 करोड़ होते है। हर साल 300 नए बच्चों के एडमिशन फीस 81 हजार रुपए के हिसाब से 2.43 करोड़ होते है। कुल मिलाकर 14.58 करोड़ बनती है और स्पोर्ट्स एकेडमी में अज्ञात लोगों के नाम से पर्ची काटकर 1-1.5 करोड़ रुपए आय कमाई। धोखाधड़ी के नीयत के चलते आरोपियों ने स्कूल के बही खातों में स्कूल की आय 10 करोड़ रुपए ही दर्ज की। जिससे यह स्पष्ट है कि आरोपियों की ओर से हर साल करीब 30 से 35 प्रतिशत के हिसाब से बैंलेंस शीट और अकाउंटिंग सिस्टम में हेरा-फेरी की जा रही है। धोखा देकर जी रहे लग्जरी लाइफ
सोसाइटी को पता चला है कि 1800 बच्चों के हिसाब से प्रति साल 7-8 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर गबन किया गया है। आरोपियों की ओर से वर्धमान स्पोर्ट्स एकेडमी और वर्धमान इंटरनेशनल स्कूल व अन्य नाम पर रसीदें नहीं काटकर बेफिजूल झूठे खर्चों में दिखाकर गबन किए है। 18 करोड़ की कमाई होते हुए भी 60 प्रतिशत टीचर-लेक्चरर की सैलरी और दूसरे स्टाफ, पानी-बिजली आदि के खर्चे में करीब 11 करोड़ भी माना जाए तो भी करीब 7-8 करोड़ रुपए की सेविंग को किसी ने किसी बहाने से आरोपियों की ओर से फंड को डायवर्ट करके सोसाइटी को नुकसान पहुंचाया। पैसों का मिसयूज करते हुए आरोपियों ने करीब 78 लाख रुपए की लग्जरी गाड़ी खुद चलाता है। जिसका खर्चा भी सोसाइटी के अकाउंट में दर्ज किया। सोसाइटी को धोखा देकर आरोपी लग्जरी लाइफ जी रहे है। लीज-डीड ट्रांसफर के दिए फर्जी डॉक्यूमेंट
साल-2016 से साल-2024 तक सोसाइटी को प्रॉफिट होते हुए भी नुकसान दिखाया गया। जिससे सोसाइटी को एक भी पैसे का पेमेंट नहीं करना पड़े। डॉक्यूमेंट में हेरा-फेरी करके एक साल में करीब 18 करोड़ की रकम आने पर जानबूझकर खर्चे दिखा रहा है। धोखाधड़ी कर आरोपियों की ओर से सोसाइटी की पूरी प्रॉपर्टी को खुद के नाम पर करवाने की भी कोशिश कर रहे थे। सोसाइटी को इसका पता तब चला जब राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की ओर से सोसाइटी को एक लेटर अगस्त-2023 में मिला। जिसमें बताया गया कि आदिनाथ जैन सोसाइटी की ओर से एक लेटर दिया गया है। जिससे सोसाइटी की लीज डीड आदिनाथ जैन सोसाइटी के नाम ट्रांसफर कर दी जाए। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को लेटर लिखकर जबाव दिया गया था कि श्रीकुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी की आरे से कोई परमिशन नहीं दी गई है। मनी लॉन्ड्रिंग कर वर्धमान बिल्डर में लगाया
जाली डॉक्यूमेंट को राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में पेश किए। साल-2016 से साल-2025 तक करीब 50-60 करोड़ रुपए आरोपियों ने बच्चों से फीस के लिए। संस्था में करीब 1800 से 2000 बच्चें एजुकेशन कर रहे है। जो रकम सोसायटी की थी, उसे खुर्द-बुर्द कर दिया। आरोपियों की ओर से 1.10 लाख वर्गफीट एरिया का निर्माण करवाया, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं होती है। इस तरीके से आरोपियों के पास 20-30 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं है। सारा पैसा मनी लॉन्ड्रिंग कर आरोपियों ने खुद के वर्धमान बिल्डर में लगा दिया। गलत तरीके से धोखाधड़ी कर सोसाइटी को करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान पहुंचाया। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड और अन्य सरकारी ऑफिसों में इस जमीन को खुद का बताकर खुद को प्रॉफिट पहुंचाया। ये खबर भी पढ़ें जयपुर के वर्धमान स्कूल में 3 करोड़ कैश मिला:नोट गिनने के लिए मंगवाई थी मशीन, इनकम टैक्स ने 6 ठिकानों पर रेड डाली


