केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का जयपुर दौरा स्थगित हो गया है। पहले उनका सोमवार को जयपुर आना प्रस्तावित था। उन्हें जयपुर में आयोजित होने जा रहे क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन करना था। जयपुर के जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन अब केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और सीएम भजनलाल शर्मा करेंगे। हिंदी को राजभाषा के रूप में बढ़ावा देने के लिए सम्मेलन में हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। साथ ही नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकासों) को नराकास राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। सम्मेलन में कुल 110 पुरस्कार दिए जाएंगे। सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 10 बजे होगा। सम्मेलन में 16 राज्यों के प्रतिनिधि जुटेंगे राजभाषा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. मीनाक्षी जौली ने आज प्रेस वार्ता में बताया- यह साल 2024-25 का दूसरा आयोजन है। इससे पहले 4 जनवरी 2025 को मैसूर (कर्नाटक) में इस साल का पहला क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। सोमवार को उत्तर-1, उत्तर-2, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों का संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन हो रहा है। उत्तर-1 क्षेत्र में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, चंडीगढ़ एवं राजस्थान शामिल हैं। उत्तर-2 क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड हैं। मध्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ और पश्चिम क्षेत्र में महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और दमन दीव, दादरा एवं नागर हवेली शामिल हैं। 1975 में हुई थी राजभाषा विभाग की स्थापना भारतीय संविधान सभा द्वारा 14 सितंबर, 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में अंगीकार किया गया था। संघ की राजभाषा हिंदी है और लिपि देवनागरी है। राजभाषा संबंधी संविधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने और संघ के सरकारी काम-काज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए जून 1975 में राजभाषा विभाग की स्थापना गृह मंत्रालय के एक स्वतंत्र विभाग के रूप में की गई थी। बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुसार हिंदी को तकनीकी दृष्टि से समृद्ध और व्यापक बनाने के लिए और देश की मातृ भाषाओं के विस्तार व विकास के लिए राजभाषा विभाग ने कई नवाचार किए हैं। साल 2021 से हर साल हिंदी दिवस पर व्यापक स्तर पर ‘अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन’ आयोजित किए जाते हैं। विभाग की ओर से डिजिटल शब्दकोश ‘हिंदी शब्द सिंधु’ का निर्माण भी किया गया है। राजभाषा विभाग सरकारी काम-काज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में हर वित्तीय वर्ष में देश के अलग-अलग भागों में चार क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं।


