जयपुर की विद्याधर नगर थाना पुलिस ने ठगी के एक कॉल सेंटर का शुक्रवार शाम को पर्दाफाश किया है। ई-मित्र के नाम से खोल रखे फेक कॉल सेंटर पर दबिश देकर पांच जनों को अरेस्ट किया गया है। कॉल सेंटर के जरिए ई-मित्र की सेवाएं देकर प्रॉफिट कमाने का लालच देकर ठगा जाता था। पिछले 6 महीने में राजस्थान सहित 5 जिलों के करीब 50 लोगों से फेक कॉल सेंटर गैंग लाखों रुपए वसूल चुकी है। पुलिस ने कॉल सेंटर से बड़ी संख्या में कम्प्यूटर, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। DCP (नॉर्थ) राशि डोगरा डूडी ने बताया- साइबर फ्रॉड में मास्टर माइंड अविनाश सैनी (24) निवासी रोड नंबर-14 हरमाड़ा, लोकेश गुर्जर (24) निवासी गुर्जरों की ढाणी विश्वकर्मा, दुर्गेश शर्मा (22) निवासी बामनवास सवाई माधोपुर, ज्योति राठौड़ (24) निवासी हाथोज कालवाड़ और शकुंतला बाकोलिया उर्फ कविता (20) निवासी बैनाड़ रोड करधनी को अरेस्ट किया गया है। साइबर क्रिमिनल्स ने ठगी के लिए विद्याधर नगर के गोल्डन टावर में ठगी का कॉल सेंटर खोल रखा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लेपटॉप, 6 मोबाइल, प्रिंटर व राउटर सहित अन्य सामान जब्त किया है। पिछले 6 महीने से चल रहा था कॉल सेंटर
पिछले काफी समय से साइबर हेल्प लाइन नंबर-1930 पर ई-मित्र सेवा के नाम पर साइबर फ्रॉड की सूचना मिल रही थी। शिकायतों का एनालासिस करवाया गया। साइबर फ्रॉड करने वाले संदिग्धों के मोबाइल नंबरों से लोकेशन निकलवा कर कार्रवाई की गई। ई-मित्र से जुड़ी सेवाएं देने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करते थे। आरोपी बेवसाइट के जरिए कंपनी के विभिन्न प्लानों के तहत मोटे प्रॉफिट का लालच देकर रजिस्ट्रेशन फीस लेते। प्लान की एवज में 10 से 35 हजार रुपए वसूल लेते थे। जिसके बाद भी गलत प्लान लेना बताकर दूसरी बार रुपए वसूल लेते। कस्टमर को सर्विस उपलब्ध नहीं करवाकर सिमकार्ड को बंद कर देते थे। पुलिस जांच में पिछले 6 महीने से इस कॉल सेंटर से राजस्थान सहित 5 राज्यों में 50 से अधिक लोगों से लाखों रुपए ठगी करना सामने आया है।


