जयपुर पुलिस ने लूट मामले का शनिवार को खुलासा कर छैमार गैंग के मेंबर को अरेस्ट किया है। गिरफ्तार आरोपी ने लोहार परिवार पर रात को सोते समय ढाई किलो के हथौड़े से जानलेवा हमला कर गहने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया- लूट मामले में घुमंतु जाति के खानाबदोश मक्कू उर्फ फौजी (32) निवासी मुरादाबाद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी छैमार गैंग का सक्रिय मेंबर है। पूर्व में मध्यप्रदेश की ऐसी ही वारदात में ग्वालियर जेल में बंद रह चुका है। 4 फरवरी को मुहाना मोड़ पर टूटी पुलिया के पास लोहार परिवार पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात हुई थी। रात करीब 2 बजे सोहन लाल लोहार और उसका परिवार लोहे की दुकान शटर खोलकर सो रहा था। तभी ढाई किलो के हथौड़े से सोहन लाल, उनकी पत्नी और बेटी के सिर पर कई वार किए। इसके बाद मां-बेटी के कान, नाक और गले से सोने के लौंग, बाली व अन्य जेवर खींचकर ले गया। तीनों घायलों को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। पति-पत्नी अभी उपचार जारी है, जबकि बेटी को छुट्टी मिल चुकी है। भागने के प्रयास में हुआ घायल
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया- वारदात की सूचना पर मुहाना थाना पुलिस ने पहुंचकर FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए थे। पुलिस टीम ने रेलवे लाइन के आस-पास सुनसान जगहों, झुग्गी-झोपड़ी और डेरों में सर्च किया। सीएसटी टीम के इंस्पेक्टर सुनिल व हैड कांस्टेबल नरेन्द्र को अहम सुराग हाथ लगे। टीम ने सवाई माधोपुर पुलिया के पास दबिश देकर आरोपी मक्कू उर्फ फौजी को धर दबोचा। पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में वह गिरकर घायल हो गया। छह मर्डर करने वाली गैंग का मेंबर
छैमार गैंग मतलब छह व्यक्तियों का मर्डर करने के बाद गैंग का मुखिया बनाया जाता है। छैमार गैंग डेरे-तंबू में सुनसान जगहों पर रहती है। वारदात के लिए यह पहले शिकार को चिन्हित करती है। देर रात 1 से 3 बजे के बीच डंडे-लोहे की भारी वस्तु से हमला करती है। गैंग मोबाइल नहीं रखती, नाम बदल-बदलकर रहती है। वारदात के बाद सीसीटीवी से बचकर तंबू में लौट जाती है और सामान समेटकर फरार हो जाती है। मक्कू शिवपुरी (एमपी) की ऐसी वारदात में जेल जा चुका था। जमानत के बाद सांगानेर रेलवे स्टेशन के पास डेरे में रहकर जयपुर में सक्रिय हुआ।


