जयपुर के सरकारी डेंटल कॉलेज में एक मरीज की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि ऑपरेशन के दौरान की 65 साल के मरीज की तबीयत खराब होने लगी थी। मामला मंगलवार का है। वहीं इस मामले में डॉक्टर्स का कहना है कि-आपरेशन के तीन घंटे बाद उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसकी वजह से उनकी मौत हो गई। 8 महीने पहले जून में हुआ था ट्रांसप्लांट, स्क्रू ढीला होने पर दोबारा किया एडमिट कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संकल्प मित्तल ने बताया कि दौसा के रहने वाले 65 साल के मरीज का जून 2024 में जबड़े का ट्रांसप्लांट किया गया था। कुछ दिनों पहले उसके जबड़े में लगे स्क्रू में से एक ढीला हो गया था और वह मुंह नहीं खोल पा रहा था। शनिवार को मरीज जब यहां आया तो उसे एडमिट किया गया। इसके बाद मंगलवार को उसका ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा। इसके कुछ देर बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने लगाया आरोप, डॉक्टर बोले- परिजनों ने पोस्टमार्ट करवाने मना कर दिया इस मामले में परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान ही तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट न कर जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं डॉ. मित्तल का कहना है कि जो लोग ये कह रहे है कि ऑपरेशन के दौरान ही मरीज की स्थिति बिगड़ गई थी वह गलत है। ऑपरेशन बिल्कुल सफल रहा था। मरीज के परिजनों शक होने पर हमने पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। क्योंकि उन्हें पता था कि ऑपरेशन सफल हो गया है और हार्ट अटैक से ही उसकी मौत हुई है। पिछले साल करवाया था ऑपरेशन डॉ. मित्तल ने बताया- मरीज ने पिछले साल ही जून में इसी हॉस्पिटल में ऑपरेशन करवाया था। उस समय जब मरीज दिखाने आए थे तब पता चला था कि वह 40 साल पहले पेड़ से गिरने पर मुंह के जॉइंट में इंजरी हो गई थी। जबड़े और सिर (खोपड़ी) को जोड़ने वाले जॉइंट की हड्डी बढ़ गई, जिसके कारण उस समय उनका मुंह धीरे-धीरे खुलना कम हो गया। खाना खाने के लिए भी मुंह खोलने में परेशानी होने लगी। तब हमारी टीम ने ही मरीज के जबड़े का ट्रांसप्लांट किया था।


