जयपुर में नाइन डॉट स्क्वेयर्स के तीसरे डिजाइन उत्सव का दूसरा दिन उत्साह से भरा रहा। शनिवार को आरआईसी में आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में भारतीय शिल्प कला को एक नया आयाम मिल रहा है। फेस्टिवल में 60 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं, जहां पारंपरिक शिल्प को आधुनिक डिजाइन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। विशेष आकर्षण के रूप में दर्शकों को आंखें बंद करके क्ले आर्ट बनाने का अनूठा अनुभव दिया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में मोची टाका, आइनाकारी, मेटल ठुकाई, पिछवाई पेंटिंग, पीतल और पत्थर की इनले जैसी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। पेपर हनी कॉम्ब बोर्ड का प्रयोग कर एक आकर्षक गैलरी का निर्माण किया गया है। क्यूरेटर शगुना सिंह ने बताया- फेस्टिवल का एक प्रमुख उद्देश्य जयपुर और आसपास की 90 से अधिक बावड़ियों के बारे में जागरूकता फैलाना है। इसके लिए कार्टोग्राफिक नक्शे, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। ‘बावड़ी बाईसा’ के नाम से प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आकांक्षा मोदी ने बताया- बसंत पंचमी पर प्रहलादपुरा गांव की बावड़ी में ‘रंग दे बसंती’ उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामवासियों ने बावड़ी के जीर्णोद्धार में सक्रिय योगदान दिया है और अब वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे। इसके लिए नाइन डॉट स्क्वेयर्स ,जयपुर विरासत फाउंडेशन,बावड़ी बाईसा,सेव ओवर सिटी एनजीओ ने भी सहयोग प्रदान किया है। आज क्या खास रहा लीजेंड इन फोकस का सेकंड एडिशन सुधीर कासलीवाल के द्वारा फिल्मों फोटोग्राफी जो की कैमरा रोल से खींची गई दुर्लभ ट्रेडिशनल फोटोग्राफी है उनकी 60 साल की फोटोज की यात्रा की प्रदर्शनी लगाई गई उन्होंने दर्शकों को अपनी फोटोज की कहानी भी सुनाई। क्यूरेट संगीता सिंह ने किया। ब्लू पोटरी वर्कशॉप डॉ लीला बोर्डिया फाउंडर ऑफ़ नीरजा इंटरनेशनल ने दर्शको के साथ अपने अनुभव साझा किये बच्चो ने कैरिकेचर वर्कशॉप में कैरिकेचर आर्ट को जाना। कल क्या खास रहेगा – रंग दे बसंती कल्चर वाक बावड़ी प्रहलादपुरा,ब्लॉक प्रिंट वर्कशॉप कार्तिक छीपा, प्ले क्ले वर्कशॉप विथ वन्दिता विजयवर्गीय ,पेपर हनीकोंब वर्कशॉप शिल्पी दुआ और अभिमन्यु सिंह,


