नाबालिग लड़की से 4 साल तक रेप और मारपीट करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 4 साल तक नाबालिग को इतना टॉर्चर किया कि वह डिप्रेशन में आ गई। परिजनों ने जब उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो नाबालिग ने पूरी घटना के बारे में डॉक्टर को बताया। इसके बाद परिजनों ने मामला दर्ज करवाया। मामला जयपुर के झोटवाड़ा थाना इलाके का है। घर छोड़ने के बहाने खंडहर में ले गया था डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि 13 नंबर 2024 को पीड़ित नाबालिग ने झोटवाड़ा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें उसने बताया कि साल 2015-16 में उसके पड़ोस में एक लड़का आया। उस समय वह छठी क्लास में पढ़ती थी। उस समय वह 12 साल की थी। पड़ोस में रहने के दौरान पीड़िता की आरोपी से जान पहचान हो गई। आरोपी ने पीड़िता को घर छोड़ने के बहाने सुनसान जगह खंडहरनुमा घर के कमरे में ले जाकर रेप किया और अश्लील वीडियो बना लिए। आरोपी ने पीड़िता से कहा कि किसी को बताया तो वह वीडियो शेयर कर देगा। उसके बाद आरोपी उसे ब्लैकमेल कर लगातार रेप करता रहा। नाबालिग ने डॉक्टर को बताई थी आपबीती पुलिस ने बताया- आरोपी उसे जयपुर के अलग-अलग इलाको में ले जाकर रेप करता रहा। आरोपी ने गांधी पथ वेस्ट के एक फ्लैट पर नाबालिग के सीने पर ब्लैड से वार किया था। वहीं इस घटना के बाद आरोपी निवारू में रहने लगा। यहां पर भी पीड़िता के साथ गलत काम किया। 2017-18 में आरोपी ने अपने दोस्त के फ्लैट पर भी मारपीट कर जबरन रेप किया। आरोपी पीड़ित से मारपीट भी करता और 2019 तक कई बार रेप किया, जिससे वह बुरी तरह डर गई। वह बार-बार रेप की घटना से तंग आ गई और बीमार रहने लगी। जिस कारण परिजनों ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। पीड़ित नाबालिग ने डॉक्टर को खुद के साथ हो रहे घिनौने काम के बार में बताया। इसके बाद डॉक्टर ने पीड़ित नाबालिग के माता-पिता को जानकारी दी। उन्होंने झोटवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। सिकाउ सेल को सौंपी जांच इस मामले की जांच अति. पुलिस उपायुक्त (सिकाउ सेल) को सौंपी गई। नाबालिग के साथ हुई रेप की घटना के कारण डिप्रेशन में चली गई और बीमार रहने लगी। पीड़ित का रूल-4 पॉक्सो एक्ट के तहत रेप ट्रॉमा सिंड्रोम का मेडिकल मुआयना मनोचिकित्सकों के द्वारा करवाया गया। मेडिकल पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।


