राजधानी के नाहरगढ़ अभ्यारण्य में एक फीमेल लेपर्ड की मौत का मामला सामने आने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। बुधवार दोपहर नायला बाग नाके के पास वन विभाग के कर्मचारियों को लेपर्ड का शव मिला। इसके बाद तुरंत पोस्टमार्टम करवाया गया। वन विभाग के रेंजर रघुवेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार प्रारंभिक जांच में लेपर्ड की मौत का कारण आपसी संघर्ष सामने आ रहा है। संभावना है कि दो लेपर्ड के बीच हुई लड़ाई में फीमेल लेपर्ड के शरीर पर गंभीर चोटें आई। इससे उसकी मौत हो गई। लेपर्ड का शव करीब दो से तीन दिन पुराना होने की संभावना है। बुधवार दोपहर 3 से 4 बजे के बीच लेपर्ड का शव मिला। इसकी उम्र डेढ़ से 2 साल के बीच है। लेपर्ड मूवमेंट को लेकर चिंता बढ़ी वहीं, इस घटना ने एक बार फिर जयपुर और आसपास के वन क्षेत्रों में बढ़ते लेपर्ड मूवमेंट को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भोजन की तलाश में लेपर्ड न केवल आपस में संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि रिहायशी इलाकों की ओर भी रुख कर रहे हैं। इससे इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी निगरानी और प्रबंधन नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अब निगाहें वन मंत्री संजय शर्मा पर टिकी हैं कि वे इस पूरे मामले में कब संज्ञान लेते हैं और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाते हैं। पिछले महीने अलवर में भी मिला था शव 26 जनवरी को अलवर के सरिस्का में एक लेपर्ड की फंदा लगने से मौत हो गई थी। वन विभाग अधिकारियों को लेपर्ड पेड़ पर उल्टा लटका मिला था। उसके शरीर पर फंदा कसा हुआ था। अधिकारियों ने 28 जनवरी को इसकी जानकारी दी थी। (पूरी खबर पढ़ें)


