जयपुर में रोबोट के जरिए की गई हार्ट सर्जरी:बड़ा चीरा नहीं लगाना पड़ा, न हड्डी काटी गई; छेद कर सर्जरी की गई

जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में रोबोट के जरिए हार्ट सर्जरी की गई है। हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियक सर्जन डॉक्टर ललित आदित्य मलिक ने बताया- तीन मरीजों की हार्ट की सर्जरी रोबोट से की गई है। इसमें एक महिला सुशीला देवी (50) और दो पुरुष रामेश्वर लाल (71) और राजकुमार (78) हैं। तीनों ही मरीज अब स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया- रोबोट से की गई सर्जरी में किसी भी प्रकार का कोई चीरा नहीं लगाया गया। न ही हड्डी काटी जाती है। जो प्रचलित तकनीक से बिल्कुल अलग है। पुरानी तकनीक में छाती काटकर ऑपरेशन किए जाते थे। इससे मरीज की छाती पर कट का 9-10 इंच तक लंबा निशान होता था। रोबोट से सिर्फ छेद करके सर्जरी की जाती है। किसी प्रकार का कोई लंबा चीरा नहीं लगाया जाता है। तीन दिन में तीन मरीजों की रोबोट ने की हार्ट सर्जरी डॉ. ललित आदित्य मलिक ने बताया- हार्ट की सभी प्रकार की सर्जरी रोबोट के द्वारा की जा सकती है। हमने भी जो तीन हार्ट की सर्जरी की है, इसमें दो मरीजों की हार्ट की नसों में ब्लॉकेज था। इसकी रोबोट द्वारा बायपास सर्जरी की गई। एक मरीज के हार्ट में बड़ा छेद था। इसको रोबोट की मदद से बिना कोई हड्डी काटे और बिना चीरा लगाए बंद किया गया। ये तीनों ही मरीज राजस्थान के निवासी हैं। रोबोट से की जाने वाली सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है। जो हार्ट के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। रोबोट के द्वारा हार्ट की सर्जरी राजस्थान में पहली बार की गई है। उन्होंने बताया- इस प्रकार की सर्जरी दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई में पिछले दो-तीन सालों से की जा रही है। यह सर्जरी राजस्थान में पहली बार की गई है। जो अमेरिका व ब्रिटेन जैसे विकसित देशों की के बराबर है। रोबोट के द्वारा हार्ट की सर्जरी करने के बाद मरीज का अस्पताल में स्टे कम रहता है। अच्छी रिकवरी होने पर मरीज को 2-3 दिनों में ही हॉस्पिटल से छुट्टी हो सकती है। इससे वह जल्दी अपने काम पर लौट जाता है। खून कम बहता है। मरीज को खून चढ़ाने की आवश्यकता न के बराबर होती है। डॉ. मालिक ने बताया- जिन मरीजों को भी हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती है। उन्हें एक बार इस तरह एडवांस तकनीक के बारे में भी सोचना चाहिए। रोबोट से हार्ट सर्जरी के बाद सुशीला देवी ने बताया- मेरे दिल में छेद था। इसका रोबोट से हार्ट सर्जरी की गई है। मुझे इसकी जानकारी जांचे करवाने के बाद दो-तीन महीने पहले ही हुई थी। इसके कारण मुझे सांस लेने में तकलीफ थी। इसके बाद 18 दिसंबर को ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद रामेश्वर लाल ने बताया- मेरी घुटने में दर्द था। इसके बाद मैंने हॉस्पिटल में दिखाया। जांचे करवाई गई। तब डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मेरे दोनों पेरों की नसें खराब हैं। पहले नसों का ऑपरेशन होगा। उसके बाद घुटने का ऑपरेशन होगा। इसके बाद नसों का ऑपरेशन हुआ। उसके बाद एक पैर की नसें ब्लॉक हो गई थी। इसके बाद मेरे हार्ट की सर्जरी की गई।

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