जयपुर के करधनी थाना पुलिस ने 2 साइबर ठगों को 10 बैंकों से 26 लाख 65 हजार की धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया हैं। साइबर ठग मर्चेंट वॉलेट के खाता नगर बदलकर ये फ्रॉड करते थे। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि इस मामले में एसबीआई पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 13 दिसम्बर को ललित कुमार जैन (45) को रिपोर्ट दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को शुभ लक्ष्मी कार डेकोर की मालिक ममता शर्मा को रजिस्टर्ड मर्चेंट बनाया गया था। मर्चेंट रजिस्टर्ड होने के बाद आईएमडी और टीआईडी नंबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन खातों में ट्रांजैक्शन हो जाता है। बदमाश निशांत और आकाश सैनी ने एमआईडी नंबर और टीआईडी नंबर लेकर एसबीआई पेमेंट्स कस्टमर केयर को कॉल कर उसके खाता नंबर बदलवा दिए। इसके बाद वे इससे फ्रॉड करते। मामला सामने आने के बाद करधनी पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर मामले की जांच की गई। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने लाखों रुपए की ठगी कर रुपए को अपने-अपने पिता को ट्रांसफर किए थे। इस तरह से करते थे वारदात बदमाशों ने ऑनलाइन सट्टा ऐप से इसके बारे में पूरी जानकारी ले रखी थी। जब बैटिंग ऐप रिचार्ज करने के लिए अमाउंट डाला तो पता चला कि इसमें मर्चेंट की यूपीआई आईडी के साथ टीआईडी और एमआईडी भी दिखाई देती है। इसका फायदा उठाकर दोनों ने एसबीआई के कस्टमर केयर को कॉल कर एमआईडी और टीआईडी नंबर बताकर कहा कि वे अपना यूपीआई से कनेक्ट अकाउंट नंबर और ई-मेल एड्रेस भूल गए है। इसके बाद उन्होंने मर्चेंट ममता शर्मा के एसबीआई अकाउंट को आकाश सैनी के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से अटैच कर लिया। 24 अगस्त को खाता अटैच होने के बाद फर्जी तरीके से 13 लाख 11 हजार 699 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद 29 अगस्त को दोबारा 4 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरीके से बदमाशों ने सवा 26 लाख रुपए की ठगी की।


