जयपुर रनर्स क्लब ने जय क्लब में आयोजित समारोह में प्रतिष्ठित लद्दाख मैराथन और अन्य कठिन धैर्य दौड़ों (एंड्योरेंस रन) को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले धावकों का सम्मान किया। इस वर्ष जयपुर से 15 धावकों ने लद्दाख मैराथन में भाग लिया, जिसे दुनिया की सबसे कठिन मैराथनों में गिना जाता है। इसमें धावकों को केवल शारीरिक परीक्षण के बाद ही अनुमति दी जाती है। सभी धावकों ने पूरे उत्साह, जज्बे और जुनून के साथ लद्दाख की ऊंचाई और कठिन परिस्थितियों में दौड़ पूरी की। कार्यक्रम में क्लब के सह-संस्थापक मुकेश मिश्रा और रवि गोयनका, अध्यक्ष प्रवीण तिजारिया, पूर्व अध्यक्ष डॉ. साधना आर्या, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एवं डायरेक्टर विष्णु टांक, आस्था पारीक, सुधा खंडेलवाल, मोनिका चौधरी, भावना पारीक, नीतिका चौधरी और शशि किरण सहित कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। सभी धावकों को माल्यार्पण और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महेश द्विवेदी और सूरज की असाधारण उपलब्धियों को विशेष रूप से सराहा गया। महेश द्विवेदी ने स्पीति अल्ट्रा – कुनजुम ला चैलेंज (77 किमी) को मात्र 8:21 घंटे में पूरा किया। उन्होंने स्पीति हाफ मैराथन में अपने आयु वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही सिल्क रूट अल्ट्रा (122 किमी), जिसे उन्होंने 15:06:56 घंटे में पूरा कर पोडियम फिनिश किया। इसके अलावा उन्होंने लद्दाख फुल मैराथन केवल 3:58 घंटे में पूरी की। सूरज ने खारदुंगला चैलेंज (72 किमी) को 7:21 घंटे में पूरा कर नया नॉन-लद्दाखी कोर्स रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्पीति मैराथन (42.195 किमी) 3:44 घंटे में पूरी कर पोडियम फिनिश भी हासिल किया। सम्मानित होने वालों में जय प्रकाश, डॉ. सुकेश जाखड़, निहाल कोठारी, ऋषि व्यास, रघु एस. नाथावत, मुदित तनवर, रिजु जैकब, रामप्रवेश (IAS), नितिन बिंदल, जितेन्द्र राठौर, आदित्य के., राजेन्द्र भास्कर, संस्कार जत्राना, ओमप्रकाश, रतन धोरावत, चिन्मय, हिमांशु सिंह, कुलदीप, दीपेन्दर राठौर, डॉ. संजय आर्या और पार्थ जांगम सहित कई अन्य रनर्स शामिल रहे। सह-संस्थापक मुकेश मिश्रा ने कहा कि खारदुंगला चैलेंज, सिल्क रूट अल्ट्रा और लद्दाख मैराथन जैसी कठिनतम दौड़ों को पूरा करना धावकों के साहस और धैर्य का प्रतीक है। वहीं अध्यक्ष प्रवीण तिजारिया ने कहा कि इन धावकों की उपलब्धियां न केवल क्लब के लिए गर्व की बात हैं, बल्कि यह नई पीढ़ी के लिए भी बड़ी प्रेरणा हैं।


