महादेव घाट से लगे दुर्ग जिले के अमलेश्वर में बसने वाले रायपुर के लोग छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। पिछले पांच साल में डेढ़ दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां ऐसी हैं जहां नई सड़कें नहीं बनी हैं। बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। नगर पंचायत वाले सफाई पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। कॉलोनियों में जगह-जगह इतनी गंदगी फैल गई है कि नालियां तक झाड़ियों से ढंक गई हैं। हफ्तों कॉलोनियों की नालियों की सफाई नहीं की जाती है। कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की सुविधाओं का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है। 50 लाख रुपए तक के मकान लेने के बाद भी आज तक उनके लिए बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। लोगों के घरों तक बिजली के कनेक्शन बांस-बल्लियों से दिए जा रहे हैं। बिजली कंपनी वालों के पास बार-बार जाने के बाद भी उनका जवाब एक ही होता है खंभे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। आंधी-तूफान में बांस की बल्लियां गिर जाने की वजह से कॉलोनी वालों ने आपस में रकम इकट्टा कर कुछ जगहों पर सीमेंट के खंभे लगाए हैं। ताकि बिजली के वायर सही जगह पर रह सके। ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अभी प्लॉट खरीदकर मकान बनाने का काम शुरू किया है। मकान बनाते समय इन सभी लोगों को बिजली का अस्थायी कनेक्शन दिया गया था। लेकिन मकान बन जाने के बाद आज तक उसे स्थायी नहीं किया गया। कॉलोनी वाले जब बिजली कंपनी वालों से स्थायी मीटर लगाने की मांग करते हैं तो वे कहते सभी का एक साथ कर देंगे। दो से तीन साल से ज्यादातर लोग अस्थायी मीटर से ही काम चला रहे हैं। अस्थायी मीटर में बिजली शुल्क ज्यादा लगता है। इसके बावजूद कंपनी वाले लोगों की समस्या दूर नहीं कर रहे हैं।


