जर्मनी के ऐतिहासिक शहर कोथेन में विश्व होम्योपैथी सप्ताह के अवसर पर “विश्व होम्योपैथी शिखर सम्मेलन 3” का आयोजन किया गया। होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में दुनिया भर से 200 से अधिक होम्योपैथी विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए। कोथेन को पारंपरिक और वैज्ञानिक होम्योपैथी का वैश्विक केंद्र माना जाता है। सम्मेलन में अमेरिका, यूके, ब्राजील, सर्बिया, नीदरलैंड और भारत के प्रतिष्ठित चिकित्सक मौजूद रहे। प्रमुख प्रतिभागियों में डॉ. लोरी ग्रॉसमैन, प्रो. रोनाल्ड मोरी, डॉ. नितीश दुबे और प्रो. डॉ. डोर्ली शामिल थे। प्रतिभागियों को डॉ. हैनिमैन के ऐतिहासिक निवास और क्लिनिक का भ्रमण कराया गया। यूरोपियन लाइब्रेरी ऑफ होम्योपैथी में शैक्षणिक और अनुसंधान पर चर्चाएं हुईं। सम्मेलन में 60 से अधिक होम्योपैथी चिकित्सकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान इयोन मॉर्गन और कोथेन के संसद सदस्य बास्टियन बर्नहैगन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से हुआ। संस्था के सीएमडी डॉ. नितीश दुबे ने यूरोपीय होम्योपैथी संस्थानों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन होम्योपैथी के विकास और वैश्विक समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करने में सफल रहा।


