गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, मंत्री को भेजा
झारखंड के सभी नौ नगर निगम क्षेत्रों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बनेगा। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है। इसे सहमति के लिए विभागीय मंत्री को भेजा गया है। इस पर मुख्यमंत्री की भी सहमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद प्राधिकरण का गठन होगा। नए प्रस्ताव में जलजमाव को भी प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे अब शहरी क्षेत्र में जलजमाव की समस्या से निपटने में आसानी होगी। दरअसल केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन कानून में इसी साल संशोधन किया है। इसके तहत झारखंड सहित देश के सभी शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण् का गठन किया जा रहा है। राज्य में अभी कुल नौ नगर निगम हैं। ये हैं-धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, चास, रांची, देवघर, मानगो, आदित्यपुर और मेदिनीनगर। इन सभी नगर निगम क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से जुड़े काम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए ही शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकार का गठन किया जा रहा है। यह प्राधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित सभी दायित्वों और कार्याें का निर्वहन करेगा। राज्य सरकार के इस फैसले को शहरी क्षेत्रों में बाढ़, आगजनी, भूकंप, भवन दुर्घटना और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय व तत्काल फैसले लेने में मदद मिलेगी। साथ ही अन्य आपदाओं से निपटने में भी कारगर साबित होगा। शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकार के गठन के बावजूद पहले से गठित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार अन्य क्षेत्रों में अपना काम करता रहेगा। आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन को मजबूती देने के लिए राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन प्राधिकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। नगर आयुक्त होंगे शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष
प्रस्ताव के मुताबिक संबंधित विभाग के नगर आयुक्त आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष (पदेन) होंगे। वहीं उप विकास आयुक्त को उपाध्यक्ष (पदेन) की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अपर समाहर्ता भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता और जल संसाधन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। प्रस्ताव में यह भी प्रावधान किया गया है कि भविष्य में अगर किसी नए नगर निगम की अधिसूचना शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी की जाती है, तो उस नगर निगम के लिए यह समिति स्वतः गठित मानी जाएगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर समिति की सहायता के लिए अन्य अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है।


