आगामी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। राजनीतिक पार्टियां बड़े-बड़े वादे कर रही हैं, पर सड़क, पानी, बिजली, सफाई, यातायात और सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत समस्याएं वर्षों से जस की तस बनी हुई हैं। वार्ड 29 और 30 में सड़कों पर जलजमाव सबसे बड़ी समस्या है। इलाके की सड़कें जर्जर हैं। नालियां हैं नहीं, जिसके कारण घरों से निकला गंदा पानी इन गड्ढों में भर जाता है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी होती है। वार्ड-29 में स्ट्रीट लाइट खराब है। स्थानीय लोगों बताया कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की भी सक्रियता है। छेड़छाड़ की भी घटनाएं आम हैं। लोग मोहल्ले में रात के समय सुरक्षित महसूस नहीं करते है। क्षेत्र के निवर्तमान पार्षद सोनी परवीन ने कहा कि क्षेत्र में पानी की समस्या के समाधान के लिए दो जलमीनार बनाए गए हैं। उन्होंने माना कि क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या है। गर्मी में पानी की किल्लत भी होती है। वार्ड-30 में रहने वाले लोगों की परेशानी इससे परे नहीं है। क्षेत्र के लोगों को अभी तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। लोगों का कहना है कि हर काम के लिए नगर-निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बावजूद इसके काम नहीं होता है। क्षेत्र में जगह-जगह कचरे का अंबार है। निगम की गाड़ी नियमित नहीं आती है। मुख्य सड़कों से कचरा उठता है, पर गलियों में कभी-कभार ही गाड़ी आती है। नतीजतन लोग कचरे को सड़क किनारे फेंक कर चले जाते हैं। गर्मी में पानी की किल्लत बड़ी परेशानी है। पाइपलाइन तो घरों में पहुंचा है, लेकिन वाटर कनेक्शन नहीं मिला है। गर्मी के दिनों में भूमिगत जल स्तर इतना नीचे चला जाता है कि पानी खरीद कर काम चलाना पड़ता है।


