जल स्रोतों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयासरत गंगा समग्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश इन दिनों झारखंड के प्रवास पर है। वनवासी कल्याण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में रामगढ़ जिला इकाई का गठन करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि गंगा समग्र गंगा और उनकी सहायक नदियों सहित अन्य सभी जल स्रोतों को अविरल और निर्मल बनाने के लिए राष्ट्रीय व्यापी संघर्ष जारी है। भारत की संस्कृति गांगेय संस्कृति कहलाती है। जिस प्रकार जो भी धारा गंगा में मिलती है गंगा ही हो जाती है ठीक उसी तरह भारतीय संस्कृति भी सबको आत्मसात करके भारतीय संस्कृति में समाहित कर लेती है। यदि गंगा नहीं रही तो वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण वासुदेव कुटुंबकम का संदेश देने वाली भारतीय संस्कृति भी खतरे में पड़ जाएगी। हम सबको इस अभियान को लेकर आगे आना होगा और संस्कृति की रक्षा करना होगा। जिला संयोजक अजय महतो को, सहायक नदी प्रमुख तालेश्वर महत्व को, वृक्षारोपण नीतीश कुमार को, सरोवर फुर्ती लाल को, पर्व त्योहार अजय प्रजापति को, गंगा युवा वाहिनी सरिता गोस्वामी को, गंगा सेविका समिति ज्योति कुमारी को, शिक्षण संस्थान प्रमुख पिंटू कुमार को, प्रचार आनंद कुमार महतो को, संपर्क आयम का प्रमुख बनाया। पंचमी कुमारी श्रुति कुमारी आरती और कविता कुमारी को विभिन्न आयाम के प्रमुख के रूप में जिला कार्यकारी से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि जल्द ही अन्य जिलों की इकाइयों का भी गठन किया जाएगा। स्थानीय इकाइयों के गठन का उद्देश्य लोगों को अपने इलाके की नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है


