जल जीवन मिशन में जिन गांवों में कार्य पूर्ण बताया है, वहां भी कई ढाणियां कनेक्शन से वंचित: भाटी

भास्कर न्यूज | बाड़मेर विधानसभा के पंचम सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बाड़मेर जिले से जुड़े गंभीर और जनहित के मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकता से लेकर सीमांत क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती नशावृत्ति और मादक पदार्थों की तस्करी तक पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विधायक भाटी ने जल जीवन मिशन के तहत बाड़मेर जिले में अत्यंत धीमी प्रगति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिले की उपखंडवार प्रगति का विस्तृत और तथ्यात्मक विवरण सदन की मेज पर रखा जाए। भाटी ने स्पष्ट रूप से सवाल किया कि प्रत्येक उपखंड में निर्धारित नल कनेक्शन लक्ष्य के मुकाबले अब तक वास्तव में कितने कनेक्शन दिए गए हैं और कितने परिवार आज भी पेयजल से वंचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन गांवों में योजना का कार्य पूर्ण बताया जा रहा है, वहां भी कई ढाणियां और घर अब तक नल कनेक्शन से वंचित हैं। ऐसे सभी वंचित परिवारों को कब तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, इसकी स्पष्ट समय-सीमा तय कर सदन को अवगत कराने की मांग की। भाटी ने सदन को बताया कि जल जीवन मिशन की प्रगति के मामले में राजस्थान पूरे देश में 32वें स्थान पर है, जबकि बाड़मेर मात्र 21 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में अंतिम पायदान पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है, विशेषकर बाड़मेर जैसे सीमावर्ती और विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले जिले में, जहां पानी जीवन और अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने जिले के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य की गति तेज करने की मांग की, ताकि हर घर तक वास्तविक रूप से नल से जल पहुंच सके। आंकड़ों के माध्यम से विधायक भाटी ने बताया कि प्रधानमंत्री की फ्लैगशिप योजना जल जीवन मिशन के तहत बाड़मेर में लगभग 2.13 लाख घरों को नल कनेक्शन दिए जाने थे, लेकिन पिछले छह वर्षों में अब तक केवल 21 प्रतिशत घरों तक ही योजना पहुंच पाई है। हरसानी, बालेबा, गोरडिया, गूंगा, रेडाणा, खारिया सहित कई गांव ऐसे हैं, जहां आज तक नल से पानी नहीं पहुंच पाया है। सरकार की ओर से सदन में जानकारी दी गई कि गूंगा गांव में बाड़मेर लिफ्ट परियोजना का कार्य मार्च 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही परियोजना खंड धोरीमन्ना का कार्य क्षेत्र ब्लॉक रामसर और गडरारोड बताया गया। उसका मुख्यालय रामसर करने और राईसेप परियोजना का मुख्यालय शिव बनाने का आश्वासन भी दिया गया। जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि बाड़मेर जिले में जल जीवन मिशन का कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण कर दिया जाएगा। जल संकट के साथ-साथ विधायक भाटी ने सीमांत क्षेत्रों में बढ़ती नशावृत्ति और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब केवल सामाजिक नहीं रह गई है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा बड़ा संकट बन चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि यदि समय रहते सख्त निगरानी, ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और अपराधियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और सामरिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

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