भास्कर न्यूज | गरियाबंद जिले में डिजिटल प्रशासन की दिशा में लगातार कदम बढ़ाया जा रहा है। अब जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में हर काम लगभग ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। मंगलवार को कलेक्टर बीएस उइके ने समय-सीमा बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब ऑफलाइन कार्यप्रणाली पूरी तरह समाप्त की जा रही है। सभी कार्यालयीन प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होंगी। इससे न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने मुख्य सचिव के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी विभागों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के सीआर, स्पैरो पोर्टल के माध्यम से तैयार किए जाएंगे तथा अवकाश के लिए आवेदन भी पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे। बैठक के दौरान समय-सीमा के प्रकरणों पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लंबित मामलों पर शून्य सहनशीलता नीति के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए। बैठक में जल शक्ति कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जल संरक्षण और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


