कांकेर जिले के पत्थरी स्थित जंगलवार कॉलेज में बंदरों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। यह एशिया का दूसरा सबसे बड़े गोरिल्ला वॉर प्रशिक्षण केंद्र है, जहां जवानों के साथ-साथ बंदर भी ट्रेनिंग करते है। इसका वीडियो सामने आया है। पहाड़ी जंगलों से घिरे इस कॉलेज में नक्सलियों से मुकाबले के लिए जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है। क्षेत्र में रहने वाले बंदर अक्सर ट्रेनिंग कैंप के पास आते हैं। जवानों को देख-देख कर वे भी उनकी नकल करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक जवान कमांड दे रहा है और बंदर रस्सियों पर कसरत करते दिख रहे हैं। योग दिवस में कुत्तों ने किया था योग इस प्रशिक्षण केंद्र में जवानों के साथ जानवरों को भी ट्रेनिंग दी जाती है। हाल ही में योग दिवस पर यहां कुत्तों ने भी जवानों के साथ योग किया था। यहां से प्रशिक्षित कुत्ते नक्सली क्षेत्रों में जवानों की मदद करते हैं। वे चोरों को पकड़ने में भी सहायता करते हैं। अब जवान बंदरों को भी प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ बंदर पहले से ही जवानों की बात मानने लगे हैं।


