जशपुर पुलिस ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन किया है। यह अभियान पूरे जिले में 31 जनवरी तक चलेगा। इसका मुख्य लक्ष्य आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और उनके सख्त पालन को सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय जशपुर के प्रांगण में एक कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास ने की, जबकि विधायक जशपुर रायमुनि भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। विधायक रायमुनि भगत ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण नशे की हालत में वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि एक छोटी सी लापरवाही न केवल अपनी, बल्कि सामने वाले परिवार की खुशियां भी छीन सकती है। यातायात नियमों का पालन अनिवार्य- कलेक्टर कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में 222 सड़क सुरक्षा मितानों को प्रशिक्षित किया गया है। ये मितान आम लोगों के बीच जाकर यातायात नियमों और दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार के संबंध में जागरूकता फैला रहे हैं। कलेक्टर ने गोल्डन आवर और राहगीर योजना (गुड सेमेरिटन) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना होने पर घायलों की मदद के लिए आगे आएं और उन्हें अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे मददगारों को किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी नहीं होगी, बल्कि अच्छे राहगीर को पुरस्कृत भी किया जाएगा। सड़क सुरक्षा समाज की साझा जिम्मेदारी- अरविंद भगत नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि अधिकांश दुर्घटनाएं हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, तीन सवारी तथा नशे में वाहन चलाने के कारण होती हैं। जशपुर पुलिस का ट्रिपल ई (EEE) मॉडल एसएसपी ने बताया कि जशपुर पुलिस सड़क सुरक्षा के लिए ट्रिपल ई (EEE) मॉडल इंजीनियरिंग, एजुकेशन और इंफोर्समेंट के तहत कार्य कर रही है। इंजीनियरिंग के तहत दुर्घटनाजन्य स्थलों पर सड़क संरचना में सुधार और संकेतक लगाए गए हैं। एजुकेशन के तहत स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इंफोर्समेंट के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त चालानी कार्रवाई की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े एसएसपी ने तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 256 लोगों की मृत्यु हुई थी, वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 341 हो गई, जबकि वर्ष 2025 में 310 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई। जागरूकता अभियानों और सख्त कार्रवाई के चलते वर्ष 2025 में, वर्ष 2024 की तुलना में, सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। चालानी कार्रवाई और जुर्माना उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में नशे में वाहन चलाने के 326 मामलों में 31 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं ओवर स्पीड, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और नो पार्किंग जैसे उल्लंघनों पर 19,824 केस में 46 लाख 11 हजार 900 रुपए का चालान काटा गया। सड़क सुरक्षा माह में विशेष कार्यक्रम सड़क सुरक्षा माह के दौरान जशपुर पुलिस की ओर से हेलमेट और सीट बेल्ट जागरूकता रैली, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन, दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में चौपाल व नुक्कड़ नाटक, साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।


