अमृतसर| अमृतसर जिले का सीमावर्ती जसराउर गांव इस समय तीन तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुका है। गांव के बुजुर्ग किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से जो राहत पहुंचाई जा रही है, वह बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि अगर कारसेवा वाले बाबा और स्थानीय किसानों ने राहत सामग्री और स्वच्छ पेयजल न पहुंचाया होता, तो हालात और भी बदतर हो जाते। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि जसराउर फिलहाल सिर्फ एक तरफ से ही बाढ़ के पानी की चपेट में नहीं आया है। लेकिन जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, मंगलवार सुबह तक पूरा इलाका डूब सकता है। जसराउर के बुजुर्ग किसानों सुरमुख सिंह, बख्तावर सिंह, सविंदर सिंह, रंजीत सिंह, सुक्खा सिंह, अजीत सिंह शिंगारा सिंह, लक्ष्मण सिंह और गुरजीत सिंह ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने युद्ध और कई तरह की आपदाएं झेली हैं। उन्होंने कहा कि समय ही हर समस्या की दवा है। हम इस त्रासदी को भी सह लेंगे, क्योंकि किसान हमेशा मेहनत से नई शुरुआत करता है।


