जहरीली कफ सिरप से एक और मौत, अब 27 मौतें:4 महीने कोमा में रहने के बाद हर्ष ने तोड़ा दम; नागपुर एम्स में चल रहा था इलाज

छिंदवाड़ा जिले के परासिया में हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड के शिकार बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष की रविवार रात करीब 10 बजे नागपुर एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और लगातार कोमा में था। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव लाया जाएगा। डॉक्टरों ने हर्ष की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक बताई थी, लेकिन वे धीरे-धीरे रिकवरी होने की बात कह रहे थे। बच्चे के दादा देवा ने बताया कि उसे भर्ती कराने के बाद से होश नहीं आया। डॉक्टर रोज कहते थे कि अब थोड़ा बेहतर है, लेकिन कल रात वह हमें छोड़ गया। पिता किसान हैं, इलाज मुफ्त था पर रहने में लाखों खर्च हुए हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें हर्ष बड़ा था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य पिछले चार महीनों से नागपुर में ही डेरा जमाए हुए थे। एम्स में हर्ष का इलाज तो मुफ्त हुआ, लेकिन परिजनों के नागपुर में रहने और खाने-पीने पर इन चार महीनों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। एसडीएम ने की पुष्टि, मामला फिर सुर्खियों में आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि की है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बच्चों में बैतूल जिले का हर्ष भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में नागपुर एम्स रेफर किया गया था। हर्ष की मौत के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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