जहरीली शराबकांड- 6 मौतों में सिर्फ एक का पोस्टमॉर्टम:स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए पंजाब से लाए केमिकल, आबकारी को सैंपल तक नहीं मिला

अलवर में तीन दिन में 6 लोगों की मौत हो गई। कारण बताया जा रहा है जहरीली शराब। अलवर प्रशासन जहरीली शराब की बात से इनकार कर रहा है। प्रशासन की मानें तो मौतों के पीछे की वजह बीमारी और ज्यादा मात्रा में शराब पीना है। वहीं पीड़ित परिवारों का कहना है कि जहरीली शराब की वजह से उनके परिवार के सदस्यों की मौत हुई। विभाग को दरअसल वो शराब मिली ही नहीं, जो इन छह लोगों ने पी थी। ऐसे में इलाके के ठेकों से सैंपल लेकर जांच कराई गई। इधर, मामला सामने आने के बाद भास्कर टीम अलवर के उन गांवों तक पहुंची, जहां ये मौतें हुईं। पड़ताल में सामने आया कि इन गांवों में लोग कच्ची शराब के आदी हैं। आबकारी विभाग की नाक के नीचे जहरीली शराब बनाकर बेची जा रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… शराब स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए मिलावट
भास्कर टीम सबसे पहले पैंतपुर गांव पहुंची। वहां गांव के छगन से मुलाकात हुई। कैमरे पर न आने की शर्त पर बताया- यहां कच्ची शराब बनाई भी जा रही है और बेची भी जा रही है। ये मौतें जहरीली शराब से ही हुई हैं। दूसरे ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया कि गांव का एक युवक कुलदीप आठ दिन पहले पंजाब से एक केमिकल लाया था। इसे मिथाइल अल्कोहल बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सावड़ी का रहने वाला एक युवक हथकढ़ (कच्ची) शराब बनाता है। पैंतपुर में वह स्प्रिट भिजवाता है। पैंतपुर में ये स्प्रिट सुभाष, शिवा और कुलदीप लेते हैं। पानी में मिलाकर कच्ची शराब बनाते हैं। इसके अलावा तैयार हथकढ़ शराब भी पाउच में भरकर बेची जाती है। एक पाउच 20 रुपए का पड़ता है, जिसे ये लोग 30 में बेचते हैं। इसी तरह 40 रुपए की बाेतल 60 में बेचते हैं। केमिकल मिलाने से जहरीली हुई शराब
बख्तपुरा के रहने वाले रामसिंह ने बताया कि पैंतपुर में स्प्रिट और पानी मिलाकर कच्ची शराब तैयार की जाती है। ज्यादा स्ट्राॅन्ग बनाने के लिए केमिकल मिलाया, जिससे शराब जहरीली हो गई और मौत की वजह बनी। इधर, मृतकों के परिजनों का कहना है कि ये सच है कि वे शराब के आदी थे, लेकिन एक जैसे लक्षण आकर मौत होना यही दर्शाता है कि शराब जहरीली थी। रामकिशोर (मृतक) के पिता रामजीलाल ने बताया- कोई कुछ भी कहे, लेकिन मौत जहरीली शराब से ही हुई है। दूसरे मरने वालों में भी वही लक्षण थे। ये लोग रोज शाम को पैंतपुर गांव में ही शराब पीने जाते थे। वहीं कुछ बीमार भी पडे़ हैं। 27 अप्रैल को ही बख्तपुरा के रवि ने भी पैंतपुर में शराब पी थी। रवि गांव के ही रामकुमार के साथ गया था। शराब से रामकुमार की तबीयत बिगड़ी। दूसरे दिन सुबह मौत हो गई। रवि के पिता हरिसिंह ने बताया- रात को ही रवि की भी तबीयत बिगड़ गई थी। पेट में तेज जलन, उल्टी होने लगी। समय रहते रात को ही उसे हॉस्पिटल ले गए। अब उसकी हालत में सुधार है। जो शराब लोगों ने पी, उसका कोई सैंपल नहीं
एक के बाद एक 6 मौतों के बाद प्रशासन हरकत में आया। टीमें इन गांवों में पहुंची। आबकारी विभाग का कहना है कि तीन मौतें ज्यादा शराब से हुई हैं, जहरीली शराब से नहीं। मिथाइल अल्कोहल होता तो कई लोगों पर उसका असर नजर आता। विभाग का दावा है कि घटना के बाद पांच किमी एरिया में ठेकों से शराब के सैंपल लिए। उनमें कोई केमिकल की मिलावट नहीं मिली। मृतकों के परिजनों का कहना है कि जो शराब पीने से मौतें हुईं, उसके सैंपल लिए ही नहीं गए। भास्कर ने इस मामले में कलेक्टर अर्तिका शुक्ला से बात करने की कोशिश की। उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। उनकी तरफ से जवाब आया कि जो भी जानकारी होगी, प्रेस रिलीज के जरिए दे दी जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन के अनुसार, तीन मौतों में सुरेश की बीपी हाई होने, ओमी की सांस की बीमारी और भारत की खेतों में कीटनाशक के छिड़काव के दौरान हुई है। जिन इलाकों में निगरानी, वहीं बनती–बिकती रही जहरीली शराब
इस पूरे प्रकरण में चौंकाने वाली बात ये है कि आबकारी विभाग की तरफ से विशेष अभियान चलाकर जिन इलाकों में विशेष चेकिंग और निगरानी का दावा किया जा रहा था, वहीं अवैध शराब बनती और बिकती रही। अलवर जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने बताया- विभाग की ओर से 7 अप्रैल से 15 मई तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें विशेष तौर पर पैंतपुर, सावड़ी, सुकल, अल्लापुर, नट बस्ती, किशनपुरा में चेकिंग की जा रही थी। 25 अप्रैल को इन गांवों में भट्टियां और कच्ची शराब की सामग्री नष्ट की थी। 29 को भी कार्रवाई की, लेकिन हमें कहीं मिथाइल अल्कोहल नहीं मिला। मृतकों के परिवार वाले बोले- सुरेश वाल्मीकि : भास्कर टीम ने पैंतपुर के सुरेश वाल्मीकि के घरवालों से बात करने की कोशिश की। काफी समझाने के बाद वो बात करने को तैयार हुए। बोले- सुरेश रोज शराब पीता था। 26 को भी पीकर आया था। थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। उल्टियां होने लगी और घबराहट होने लगी। अस्पताल लेकर गए तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रशासन के बीपी की मौत की बात पर कहा- हमसे बीमारी पूछी तो बता दी। उसे बीपी की समस्या थी, लेकिन शराब का भी आदी था। ओमी: पैंतपुर के रहने वाले ओमी के घरवालों से भी मेडिकल टीम ने उसकी बीमारी को लेकर सवाल किए। इस पर परिवार ने बताया- ओमी को सांस की बीमारी थी। इसके बाद सवाल किया कि कोई जहर खाने से मौत हुई क्या? घरवालों ने कहा जहर नहीं खाया। भास्कर टीम ने भी परिवार से बात करने की कोशिश, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। भारत : किशनपुरा गांव के रहने वाले भारत की मौत के मामले में उसकी पत्नी लक्ष्मी का कहना था कि 28 अप्रैल को सुबह भारत ने शराब पी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। हॉस्पिटल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वहीं अब घरवाले मौत का कारण कीटनाशक छिड़काव बता रहे हैं। चचेरे भाई महेंद्र सिंह ने बताया कि भारत का पोस्टमाॅर्टम करवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद हकीकत सामने आ जाएगी। रामकिशोर और लालाराम : किशनपुरा के रहने वाले रामजीलाल के बेटे रामकिशोर और भाई लाला राम की शराब पीने से मौत हो गई। रामकिशोर 26 अप्रैल की शाम को शराब पीकर आया था। एक रोटी खाई और पांच बजे सो गया। अगले दिन 27 को सुबह रामकिशोर की तबीयत खराब हुई और उल्टी होने लगी। पेट में जलन हुई और वह चिल्लाने लगा। बोला- उसे कुछ नहीं दिख रहा। उसे हॉस्पिटल ले गए। सुबह आठ बजे तक उसकी मौत हो गई। रामकिशोर का चाचा लालाराम भी इसी घर में रहता था। 27 अप्रैल को रामकिशोर का दाह संस्कार करने के बाद शाम को लालाराम फिर पैंतपुर चला गया और शराब पीकर आया। देर रात को उसकी तबीयत खराब हो गई। सुबह सात बजे करीब एंबुलेंस बुलाई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। रामजीलाल ने कहा- मैं तो रोज ही शराब के लिए मना करता था। हमारी सुनते तो नहीं मरते। जहरीली शराब ने बर्बाद कर दिया। कच्ची शराब का गढ़ पहाड़ी इलाका
अलवर के पहाड़ी इलाके सिलीसेढ के आसपास बसे आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में अवैध शराब बनती है। विभाग की ओर से कई बार यहां कार्रवाई भी की गई। कार्रवाई के थोड़े दिन बाद कारोबार फिर शुरू हो जाता है। जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन के अनुसार, मामला सामने आने के बाद भी लगातार हर गांव में 4 टीमें सर्च में जुटी हैं। अभी तक कोई भी हथकढ़ (कच्ची) शराब नहीं मिली। अगर मिथाइल अल्कोहल से शराब बनती तो कहीं तो इसका सुराग मिलता। भारत की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट की विसरा जांच के बाद मौत के कारण का पता लग सकेगा, क्योंकि पोस्टमाॅर्टम सिर्फ भारत का ही हुआ है। पैंतपुरा गांव में दूसरे गांव से शराब सप्लाई और पंजाब से केमिकल लाने की बात पर अर्चना जैमन ने बताया कि इसकी जांच करवा रहे हैं। दो तरह की होती है स्प्रिट
स्प्रिट दो तरह की होती है। मिथाइल अल्कोहल मिश्रित और इथाइल अल्कोहल। इथाइल अल्कोहल शराब बनाने के काम आती है। अगर इसमें मिथाइल की मिलावट हो तो ये जहर बन जाती है। आंखों की रोशनी चली जाती है। लीवर फेल हो जाता है। कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। जहरीली शराबकांड की ये खबरें भी पढ़िए… अलवर जहरीली शराबकांड- पहले दिखना बंद हुआ, फिर मौत:परिजनों का दावा- सभी स्वस्थ थे, बीमारी नहीं थी; 30 रुपए में 500ML कच्ची शराब मिल रही अलवर में जहरीली शराब से 6 जानें गई हैं। झकझोर देने वाली इस घटना ने किसी का बेटा छीना तो किसी के माथे से पिता का साया उठ गया। हर ओर मातम है। 26 अप्रैल से शुरू हुआ मौत का सिलसिला लगातार 3 दिन 28 अप्रैल तक चला। पढ़िए पूरी खबर… अलवर में जहरीली शराब ने ली 6 लोगों की जान:एक दिन में 3 लोगों ने दम तोड़ा, दो दिन बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी अलवर में जहरीली शराब ने 6 लोगों की जान ले ली। पहली मौत 26 अप्रैल को हुई थी। लगातार हुईं मौत से जिला प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…

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