जहां कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत, वहां दौड़ रहे चूहे:मरीजों के बेड-दवाइयों तक पहुंच रहे, भास्कर के कैमरे पर देखिए डरावनी लापरवाही

पहले ऊपर दिख रही तस्वीरों में दौड़ते चूहों को देखिए! अब पढ़िए ये बयान बच्चे को चूहे ने नहीं कुतरा। क्योंकि बच्चे के शरीर पर जो घाव पहले थे, उनके अलावा कोई नया निशान नहीं था। मां की शिकायत के तुरंत बाद देखा था, वहां कोई चूहा नहीं मिला। ये कहना है कि जयपुर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के अधीक्षक डॉ.संदीप जसूजा का। बयान अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत के बाद आया। वहीं बच्चे के परिजनों का आरोप है कि बच्चे को चूहे ने काटा। बच्चा दर्द से रोया तो परिजनों ने कंबल हटाकर देखा तो एक चूहा निकलकर भागा। सच जानने के लिए भास्कर टीम स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट पहुंची। रात को 5 घंटे पीडियाट्रिक विभाग में गुजारे। इस दौरान भास्कर के कैमरे पर जो कुछ रिकॉर्ड हुआ, वो डरावना था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सीन 1 : कड़कड़ाती सर्दी में मरीज कंबल से मुंह ढककर सो रहे थे। मरीजों के बेड के पास एसी लगा था। एसी के पीछे से एक चूहे का मुंह नजर आया। चूहा धीरे-धीरे करते एसी से ऑक्सीजन की पाइपलाइन पर आ गया। सीन 2 : रिपोर्टर की नजर इस चूहे पर थी, इसी दौरान देखा कि दो और चूहे एयर कंडीशनर पर बैठे हैं। तीसरा चूहा ऑक्सीजन पाइपलाइन के सहारे वार्ड के दायीं तरफ पहुंच गया। इसी तरफ कैंसर पीड़ित बच्चा भी भर्ती था जिसकी मौत हो गई। सीन 3 : चूहा वार्ड में दायीं तरफ लगे टीवी के पास पहुंच गया। वहां टीवी की केबिल के सहारे नीचे उतरा और नीचे रखे कार्टन में कूद गया। इन कार्टन में मरीजों के लिए दवाइयां रखी हुई थीं। डस्टबिन भरे हुए, कचरा बाहर गिर रहा मरीजों के परिजनों से बात करने के बाद रिपोर्टर ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया। अस्पताल के मेन गेट के पास पार्क में कोने पर कचरे का ढेर नजर आया। यहां 6 डस्टबिन भरे हुए थे। कचरा डस्टबिन से बाहर गिर रहा था। इसके बाद अस्पताल में ओपीडी की तरफ गए। वहां फर्श पर जगह-जगह कचरा नजर आया। हालांकि, बच्चे को चूहे के कुतरने के मामले के बाद अस्पताल में आनन फानन में सफाई कराई। इसके बावजूद जगह-जगह कचरे का ढेर था। ओपीडी पर्ची काउंटर के पास भी कचरा जमा था। पीडियाट्रिक वार्ड की तरफ जाने वाली सीढ़ियों के पास भी दीवारें गंदी थीं। पीडियाट्रिक वार्ड बेसमेंट में है। पीडियाट्रिक वार्ड के पास ही एक और जनरल वार्ड है। इसमें भी कई दिनों से सफाई नहीं हुई। दवाओं के डिब्बे, सिरिंज, कॉटन ऐसे ही फेंके हुए पडे़ थे। यही हाल पीडियाट्रिक वार्ड में नजर आया। डस्टबिन भरे हुए थे। गंदगी की वजह : सफाई न होने पर टेंडर खत्म किया, जिसे दिया उसके पास मेन पावर नहीं अस्पताल के अधीक्षक डॉ.संदीप ने कहा कि सफाई व्यवस्था को लेकर थोड़ी परेशानी आई थी। एक साल पहले किसी दूसरी फर्म के पास अस्पताल की सफाई और पेस्ट कंट्रोल का ठेका था। उस फर्म की तरफ से व्यवस्था ठीक नहीं थी। ऐसे में उस फर्म का टेंडर खत्म कर ब्लैकलिस्ट करने को लिखा था। इसके बाद अभी हाल में ही धनु नामक दूसरी फर्म को टेंडर जारी किया गया है। दूसरी फर्म भी सफाई व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उसके पान मैन पावर की कमी है। अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि इस मामले को लेकर फर्म को नोटिस दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी फर्म को टेंडर दिए चार पांच दिन का ही समय हुआ है। अधीक्षक बोले-चूहों की समस्या, लेकिन बच्चे को नहीं काटा अस्पताल अधीक्षक डॉ.संदीप जसूजा का कहना है जिस बच्चे को चूहे कुतरने की बात कही जा रही है, उसे एडवांस ब्लड कैंसर था जिसे ल्यूकेमिया एएमएल कहा जाता है। यह सबसे खतरनाक ब्लड कैंसर होता है, जिसमें बचने की संभावना काफी कम होती है। बच्चे को जब दो दिन पहले अस्पताल में लाए थे तब उसकी कंडिशन सही नहीं थी। गंभीर हालत में उसे भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। बीमारी के चलते उसके शरीर पर में इंफेक्शन भी था। उसका बीपी लॉ था। इसके अलावा शॉक से भी बच्चा गुजर रहा था। उसके शरीर पर रेशेज थे, जिनकी ड्रेसिंग की जा रही थी। बच्चे को चूहे ने कुतरा हो, ऐसी बात हमें नहीं लगी। बच्चे के शरीर पर जो घाव पहले थे उनके अलावा कोई नया निशान नहीं था। हालांकि हम ये भी नहीं कह रहे कि चूहे नहीं है। 11 दिसंबर की रात कुतरा था बच्चे का पैर जयपुर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ब्लड कैंसर से पीड़ित मासूम के पैर को चूहे ने कुतर दिया था। बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, मौत का सही कारण क्या है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर की रात को 10 साल के पीड़ित को यहां एडमिट कराया गया था। उसी रात बच्चे के पैर का अंगूठा चूहे कुतर गए। बच्चा दर्द से रोया तो परिजनों ने कंबल हटाकर देखा तो एक चूहा निकलकर भागा। बच्चे के पैर से खून बह रहा था। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ को जानकारी दी तो वे पैर पर सिर्फ पट्टी बांधकर खानापूर्ति कर चले गए। ….. जयपुर के कैंसर इंस्टीट्यूट में बच्चे की मौत की ये खबर भी पढ़िए… कैंसर हॉस्पिटल में जिस बच्चे को चूहे ने कुतरा,उसकी मौत:दो दिन पहले हुआ था जयपुर SCI में एडमिट; मरीजों के बीच घूमते हैं कुत्ते-बिल्ली जयपुर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में दो दिन पहले ब्लड कैंसर से पीड़ित मासूम के पैर को चूहे ने कुतर दिया था। बच्चे की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, मौत का सही कारण क्या है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर की रात को 10 साल के पीड़ित को यहां एडमिट कराया गया था। पूरी खबर पढ़िए…

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