राजस्थान हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले में जांच अधिकारी के बार-बार बुलाने के बाद भी ट्रायल कोर्ट में गवाही देने से बचने पर सख्त रूख दिखाया है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि जब तक जांच अधिकारी ट्रायल कोर्ट में गवाही के लिए हाजिर नहीं हो जाता है अथवा अदालत उसे राहत नहीं दे देती है, तब तक आईओ के वेतन-भत्ते रोक दिए जाएं। हाईकोर्ट ने कहा-यह गवाही से बचने का प्रयास अदालत ने नरेन्द्र कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने 2023 में चंदवाजी थाने में दर्ज मामले में यह आदेश दिया। इस मामले में अनुसंधान अधिकारी उदय सिंह अन्य कार्यों में व्यस्तता का हवाला देकर बार-बार गवाही के लिए पेश नहीं हो रहा था। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गवाही से बचने का प्रयास है और अभियोजन पक्ष गवाह पेश करने में विफल रहा है। 2 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को उदय सिंह के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। वहीं जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि आखिर अनुसंधान अधिकारी गवाही के लिए हाजिर क्यों नहीं हो रहा? अब अदालत 2 दिसम्बर को मामले की सुनवाई करेगी।


