सरकारी स्कूलों से पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का दूध पाउडर मावा फैक्ट्री को बेचने वाले हेडमास्टर पोषाहार के गेहूं-चावल में भी गड़बड़ी कर रहे थे। गत 25 अक्टूबर को भास्कर के स्टिंग के बाद 2 नवंबर तक संयुक्त टीम ने जांच की थी। जांच में दूध पाउडर मावा फैक्ट्रियों तक पहुंचाने की पुष्टि के बाद नए खुलासे हुए। बच्चों की 100% उपस्थिति दिखाकर गेहूं-चावल खुर्द बुर्द किया जा रहा था। मिड डे मील के चेक एडवांस में साइन किए हुए मिले। बता दें कि भास्कर के खुलासे के बाद चार स्कूल के प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया गया था। विशिष्ट शासन सचिव स्कूल शिक्षा और आयुक्त मिड डे मील के आदेश पर एजुकेशन डायरेक्टर सीताराम जाट ने यह जांच टीम बनाई थी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नागणेशियों की ढाणी, बालोतरा
प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार निलंबित है। स्टॉक में 129 किलो गेहूं लिखा था, मौके पर 142.82 किलो। 107 किलो चावल की जगह 104.32 किलो मिला। मिल्क पाउडर स्टॉक में लिखा था, लेकिन मिला नहीं। सभी विद्यार्थियों की पूरी उपस्थिति झूठ निकली। हस्ताक्षर वाले 3 खाली चेक मिले। राजकीय प्रावि जाटों की ढाणी, गंगावास, बालोतरा शीला बलाई प्रधानाध्यापिका निलंबित है। स्टॉक में 67.2 किलो गेहूं लिखा, मौके पर 46.70 किलो। 161.6 किलो चावल की जगह 123.15 किलो मिला। मिल्क पाउडर स्टॉक में 1.655 किलो लिखा, मौके पर 4.49 किलो। राज. उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागाणा फांटा, कल्याणपुर प्रधानाचार्य पप्पा राम गोदारा निलंबित है। स्टॉक रजिस्टर के मुकाबले 25 किलो चावल कम मिले। मिल्क पाउडर शून्य बता रखा था जबकि 41 किलो मिला, जबकि 6 अक्टूबर के बाद से बच्चों को दूध दिया ही नहीं जा रहा था। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भारी नगर, बावड़ी, जोधपुर प्रधानाध्यापक मंगलाराम भारी निलंबित है। स्टॉक से 12.57 किलो गेहूं अधिक मिला। 5.500 किलोग्राम चावल कम मिला। पांच खाली चेक अग्रिम हस्ताक्षर मिले। रोकड़ पंजिका 10 मार्च 2025 के बाद संधारित नहीं की गई। मिडडे मील प्रभारी भीमराज को भी जिम्मेदार माना।


