आरटीओ ऑफिस में पसरा सन्नाटा: विजिलेंस की कार्रवाई के बाद आरटीओ ऑफिस से एजेंट गायब हो गए हैं। आरटीओ आफिस से लेकर नीचे बेसमेंट और चालान का भुगतान करवाने वाले हाल में भी एजेंट बुधवार को गायब नजर आए। दिन भर सभी एजेंट वाट्स अप के जरिए ही एक दूसरे से बात करते रहे। यहीं कुछ एजेंटों के नाम भी सामने आए कि उन्हें विजिलेंस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। { कौन है सरकारी मुलाजिम: विजिलेंस द्वारा जिस सरकारी मुलाजिम को हिरासत में लेने की चर्चा है। उसे सेक्टर-32 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का इंचार्ज बनाया गया था। उसे लुधियाना में 2024 में तैनात किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त सरकारी मुलाजिम को काम के बारे में अधिक जानकारी न होने के कारण इसकी आईडी प्राइवेट मुलाजिम चलाते थे। यहां तक ही वह ट्रैक पर भी बहुत कम जाता था। यह बात भी सामने आई है कि पहले फेस में जो 5 एजेंट पकड़े गए हैं उनमें से एक एजेंट ने सरकारी मुलाजिम को पैसे देने संबंधी बात कही है। भास्कर न्यूज | लुधियाना विजिलेंस टीम ने पांच एजेंटों की गिरफ्तारी के बाद दो और आरोपियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी प्राइवेट मुलाजिम हैं, जो 32 सेक्टर स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े काम देखते थे। इनके अलावा एक सरकारी मुलाजिम से भी पूछताछ की गई है। इन गिरफ्तारियों के बाद आरटीओ कार्यालय में सक्रिय नेक्सेस की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। पिछले हफ्ते विजिलेंस ने लुधियाना समेत पंजाब के कई जिलों में रिश्वत मांगने के मामलों में छापेमारी की थी, जिसमें लुधियाना से पांच एजेंट गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ा और अब तक कुल सात लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। मंगलवार को जिन दो प्राइवेट मुलाजिमों पुनीत और लकविंदर को पकड़ा गया, उन्हें गहन पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। बुधवार को भी विजिलेंस कार्यालय में प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ की गई। इनमें एक सरकारी मुलाजिम भी शामिल था, जो सेक्टर 32 के ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का इंचार्ज था। सूत्रों के अनुसार, जिन कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है, उनके मोबाइल फोन और बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए रिश्वत लेने के कई सुराग मिले हैं। विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक सरकारी मुलाजिम भी शामिल है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती है। चंडीगढ़ रोड और कॉलेज रोड स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आज करीब 12 बजे के बाद कामकाज ठप रहा। हालांकि इससे पहले ट्रैक पर काम किया जा रहा था और आवेदकों की भारी भीड़ भी लगी हुई थी। लेकिन टेस्ट संबंधी कालेज रोड पर रस्सा लगाकर उसे बंद रखा हुआ था। यानि पक्के लाइसेंस संबंधी कोई काम नहीं किया गया। इस दौरान सिर्फ डुप्लीकेट, लर्निंग, एड्रेस चेज जैसे आदि काम किए गए। अचानक 12 बजे के बाद सर्वर डाउन होने के कारण आवेदकों को वापिस भेज दिया गया।


