जांजगीर-चांपा में कांग्रेस ने बिजली ऑफिस घेरा:सीएम के नाम 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, विधायक ने कहा- बिजली बिल दोगुना-तीन गुना बढ़े

जांजगीर-चांपा जिले में बिजली दरों में वृद्धि और लगातार कटौती के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग जांजगीर में पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि बिजली बिल में दोगुनी से तीन गुनी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए ‘बिजली बिल हाफ’ योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली पर छूट दी थी, जिससे उपभोक्ताओं पर बोझ कम होता था। बिजली कटौती और महंगे बिलों पर कांग्रेस का हमला विधायक कश्यप ने आगे कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘बिजली बिल हाफ’ योजना को केवल 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है, जबकि बिजली के बिल दो से तीन गुना बढ़कर आ रहे हैं। इससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसके साथ ही, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर एक बिजली अधिकारी को मौके पर बुलाया, जिसके बाद ज्ञापन सौंपा जा सका। विधायक व्यास कश्यप और अन्य कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। पूर्व सरकार ने दी रियायती दरों पर बिजली कांग्रेस ने दावा किया कि उनकी पूर्ववर्ती सरकार ने ‘बिजली बिल हाफ’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर बड़ी राहत दी थी। इसके अलावा, किसानों को 5 एचपी तक मुफ्त बिजली और बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की गई थी। अस्पतालों और उद्योगों को भी रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली कटौती शुरू हो गई है और कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं।

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