जांजगीर-चांपा जिले के तीन ब्लॉकों में जिला कांग्रेस कमेटी और विधायकों के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालयों का घेराव किया गया। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर धान खरीदी में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित किसानों के साथ रैली निकाली और जल्द खरीदी शुरू करने तथा लिमिट बढ़ाने की मांग की। कचहरी चौक स्थित अंबेडकर प्रतिमा से शुरू हुई रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों और किसानों ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा किया था, लेकिन खरीदी प्रक्रिया शुरू से ही विवादों में घिरी रही है। धान समर्पण को लेकर प्रशासन पर कांग्रेस का आरोप कांग्रेस का आरोप है कि जिला प्रशासन धान खरीदी के बजाय सत्यापन के नाम पर किसानों से जबरन धान समर्पण करवा रहा है। कई किसान जिन्होंने खेती के लिए सरकारी ऋण लिया था और धान बेचकर ऋण चुकाने की तैयारी में थे, वे अब समर्थन मूल्य पर धान नहीं बिकने से चिंतित हैं। धान की बोरी उठाकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे विधायक इस दौरान जांजगीर विधायक ब्यास कश्यप ने किसानों के साथ रैली निकाली और कंधे पर धान की बोरी उठाकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि किसान अपने खेत का धान बेचने के लिए भटक रहे हैं। किसानों को लगातार परेशान करने का आरोप विधायक ब्यास कश्यप ने आगे कहा कि पहले गिरदावरी के नाम पर किसानों का रकबा घटाया गया, फिर एग्रीस्टैक पंजीयन के नाम पर उन्हें परेशान किया गया। अब सभी त्रुटियां सुधरने के बाद भी टोकन जारी करने में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मौखिक आदेशों के जरिए जिला प्रशासन से किसानों को परेशान करवा रही है।


