अपराधियों में खौफ। आमजन में विश्वास। जिला स्पेशल टीम (DST) के तीन जवानों ने इसे सच कर दिखाया है। अपनी जान जोखिम में डालकर खूंखार बदमाशों को पकड़ने वाले तीन जांबाजों को ‘गैलेंट्री अवार्ड’ से नवाजा गया है। अंकित ओला, बुलेश कुमार और हरीश बलवदा को यह सम्मान उनके अदम्य साहस के लिए मिला है। डीजीपी के आदेश पर तीनों को कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद पर प्रमोट किया गया है। मिशन ‘खात्मा’: सरहदों के पार जाकर दबोचे बदमाश इन तीनों जवानों ने केवल जिले में ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी अपराधियों का पीछा किया। चाहे 1 करोड़ की रंगदारी का मामला हो या डकैती, इन जवानों ने हर चुनौती को बखूबी अंजाम दिया। अंकित ओला: इन्होंने नयासर में हुई 60 लाख की चोरी का पर्दाफाश किया। गुढ़ागौड़जी में व्यापारी से मांगी गई 50 लाख की रंगदारी के मामले में बदमाशों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। बुलेश कुमार: चिड़ावा के पेड़ा व्यवसायी से 1 करोड़ की फिरौती मांगने वाले गैंग को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया। पचेरी के चर्चित ‘ब्लाइंड मर्डर’ (दो साधुओं की हत्या) को यूपी से सुलझाया। हरीश बलवदा: सेना अधिकारी के घर डकैती डालने वाली गैंग को पंजाब में पाकिस्तान बॉर्डर के पास से दबोचा। चिड़ावा रंगदारी केस में भी इनकी भूमिका अहम रही। विभाग ने बढ़ाया मान पुलिस मुख्यालय की ओर से दिया गया यह गैलेंट्री अवार्ड इन जवानों के ‘असाधारण प्रदर्शन’ पर मुहर है। जिले के अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी यह एक बड़ी प्रेरणा है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे सम्मान से फोर्स में काम करने का जज्बा और अधिक बढ़ता है।


