भास्कर न्यूज | जामताड़ा जिले के घटवाल समाज की बैठक दुमका रोड स्थित पाटोदिया धर्मशाला में आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के लोगों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि अब तक घटवाल समाज की जाति को सूचीबद्ध नहीं किया गया है, जिसके कारण समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है और वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। घटवाल समाज के नेताओं का कहना है कि वर्षों से उनकी जाति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। कभी उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग, कभी अनुसूचित जाति और कभी सामान्य वर्ग में रखा गया, लेकिन अब संथाल परगना क्षेत्र में उन्हें किसी भी श्रेणी में लाभ नहीं मिल रहा है। इसके कारण छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ घटवाल समाज के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने एकमत से फैसला लिया कि अब सरकार से अपने हक की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। समाज के नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी जाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध नहीं किया गया और उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ा नहीं गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन को मजबूर करेंगे कि वह उनकी मांगों को पूरा करे। सरकार- प्रशासन की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : जिलाध्यक्ष बैठक में मौजूद जिला अध्यक्ष दुबराज राय ने कहा कि सरकार और प्रशासन की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारी जाति को लेकर लगातार भ्रम की स्थिति बनाई गई है। जब तक हमें कानूनी रूप से मान्यता नहीं दी जाती, तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे। इसी तरह, समाज के अन्य वरिष्ठ सदस्य मधुसूदन राय, शिवलाल राय और धनेश्वर राय ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि घटवाल समाज वर्षों से प्रशासन की लापरवाही झेल रहा है और अब वे मजबूर होकर आंदोलन करने जा रहे हैं। बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि समाज के प्रतिनिधि जल्द ही जिलाधिकारी और राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी मांगों को रखेंगे और अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।बैठक में जिला अध्यक्ष दुबराज राय, मधुसूदन राय, शिवलाल राय, धनेश्वर राय, पवन राय, बैकुंठ सिंह, नंद गोपाल सिंह, सुखदेव राय, जुगुनू राय, बिकी सिंह सहित घटवाल समाज के सैकड़ों सदस्य मौजूद थे। सभी ने एकजुटता दिखाते हुए अपने हक के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस बैठक के बाद घटवाल समाज के लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति भारी असंतोष देखने को मिला। समाज के लोगों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।


