किसानों के खेतों में अब मवेशी नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे। जोधपुर के सेन्ट्रल एरिड जोन रिसर्च इंस्टीट्यूट (काजरी) ने किसानों के लिए एक डिवाइस (साउंड बॉक्स) तैयार किया है। जो डरावनी आवाजें निकाल कर जंगली सूअर, नीलगाय, मवेशी और यहां तक की पक्षियों को भी भगा देगा। इसमें गोलियां चलने, शेर के दहाड़ने-गुर्राने और जंगली सूअर के पिंजरे में फंसे होने की आवाजें हैं। ये डिवाइस सोलर एनर्जी से चलता है, ऐसे में चार्ज करने का संकट भी खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही एक केमिकल भी तैयार किया है। जिसे खेत के किनारे लगाने पर छिड़कने पर 1 महीने तक जानवर उसके पास नहीं आएगा। खेती-किसानी में इस बार काजरी इंस्टीट्यूट के नए प्रयोगों की जानकारी… मोबाइल से ही भगा देंगे जंगली जानवर प्रोजेक्ट के नेशनल को-ऑर्डिनेटर डाॅ. विपिन चौधरी बताते हैं कि- नए डिवाइस से किसान घर पर बैठे खेत में घुसने वाले आवारा जानवरों से अपने खेत की सुरक्षा कर सकेंगे। इस डिवाइस को मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकेगा। काजरी के अखिल भारतीय कशेरुकी नाशी जीव नेटवर्क परियोजना विभाग ने इसे तैयार किया है। चौधरी कहते हैं- पश्चिमी राजस्थान में नीलगाय और जंगली सुअर किसानों के खेत में उगी फसल को नष्ट कर देते हैं। इन जानवरों को मार नहीं सकते। इसलिए साउंड बॉक्स को तैयार किया गया है। साउंड बॉक्स के लिए आवाजें ओरिजिनल चौधरी के अनुसार साउंड बॉक्स की आवाजों को जंगल में जाकर लाइव रिकाॅर्ड किया है। जिससे की खेत में लगी डिवाइस से इस तरह की आवाज आते ही जानवर को पता चल जाएगा कि खेत के पास कोई संकट है। इसलिए वो खेत के पास नहीं जाएगा। इसमें आदमियों के शोर मचाने की आवाज, गोली चलने की आवाज, सुअर संकट में फंसने पर किस तरह की आवाज है। आगे इसे अपग्रेड कर सेंसर भी लगाया जाएगा। सोलर से चलेगा डिवाइस चौधरी कहते हैं- इस मशीन को सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। एक बार खेत में लगाने के बाद करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर के एरिया में इस मशीन की आवाज गूंजती है। इसे मोबाइल से भी ऑपरेट किया जा सकता है और मैनुअल भी ऑन ऑफ किया जा सकता है। साउंड बॉक्स को तैयार करने में 22 हजार का खर्चा साउंड बॉक्स को लेकर काजरी के विपिन चौधरी ने बताया कि ये साउंड बॉक्स आने वाले दिनों में प्रदेश के किसानों के लिए अवेलेबल होगा। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क किया जा रहा है। इस डिवाइस को करीब 22 हजार की लागत से तैयार किया गया है। केमिकल से भागेंगे जानवर 1 महीने तक पास नहीं आएंगे इसके अलावा काजरी इंस्टीट्यूट ने एक केमिकल भी तैयार किया गया है। जिसे किसान यदि एक पोटली में बांधकर अपने खेत की मेड़ पर 20-20 फीट की दिशा में लगा दें तो जानवर पास में नहीं आएंगे। एक बार इसकी दुर्गंध लेने वाला जानवर करीब 1 माह तक खेत के पास नहीं जाता है। इससे किसान का भी काम हो जाएगा और जानवर को भी नहीं मारना पड़ेगा। — खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.. 35 हजार रुपए खर्चा, 8 लाख प्रॉफिट की उम्मीद: सरकारी लेक्चरर ने टमाटर उगाकर लाखों कमाए, 10 हजार खर्च कर आधे बीघा में की शुरुआत सरकारी स्कूल के लेक्चरर ने 10 हजार रुपए से टमाटर की खेती शुरू की थी। उन्हें इसमें 1 लाख 75 हजार का मुनाफा हुआ तो इसी में आगे बढ़ने का फैसला किया। (पढ़ें पूरी खबर)


