जामताड़ा में तीन दिवसीय 12वां चंचला महोत्सव गुरुवार को भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। महोत्सव में जिलेभर से पहुंची हजारों महिलाओं ने परंपरागत वेशभूषा में सजकर बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर कलश यात्रा में हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कलश पूजन के बाद शुरू हुई यात्रा चंचला मंदिर प्रांगण से निकलकर स्टेशन चौक, वीरकुंवर सिंह चौक, सुभाष चौक और हनुमान मंदिर तक पहुंची। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के कारण यात्रा को गांधी मैदान होते हुए मुख्य बाजार से होकर पुनः चंचला मंदिर की ओर मुड़ना पड़ा। इस दौरान यात्रा की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर तक पहुंच गई। नाला, कुंडहित, नारायणपुर, करमाटांड़ व मिहिजाम समेत आसपास के कई गांवों और कस्बों से श्रद्धालुओं का आगमन सुबह से ही शुरू हो गया था। महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने बताया कि जामताड़ा को पूर्णतः धार्मिक नगरी के रूप में सजाया गया है। भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मेडिकल सुविधाओं सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई। मां चंचला समिति के स्वयं सेवक पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तैनात रहे। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में हजारों कलश को जल से भरकर भव्य रूप से सजाया गया।


