भास्कर न्यूज| जालंधर नेशनल हाईवे जालंधर-अमृतसर पर सड़क किनारे बनी ड्रेनेज इस समय राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। ड्रेनेज के ढक्कन जगह-जगह से टूटे होने के कारण हाईवे पर हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। विशेषकर सर्दियों के इस मौसम में घनी धुंध के दौरान ये खुले और टूटे हुए ड्रेनेज के ढक्कन जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि टू-व्हीलर चालकों के लिए स्थिति सबसे अधिक भयावह है। धुंध में विजिबिलिटी कम होने के कारण अक्सर चालक इन खुले नालों को देख नहीं पाते, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। सड़क सुरक्षा के दावों के बीच हाईवे किनारे बनी यह ड्रेनेज पूरी तरह गंदगी और मलबे से भरी पड़ी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लंबे समय से इसकी सफाई नहीं कराई गई है, जिससे बारिश या जलभराव के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। लोगों ने कहा इस समस्या के बारे में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन ढक्कनों की मरम्मत और ड्रेनेज की सफाई नहीं की गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।


