पंजाब के जालंधर ईडी की टीम ने 17 जनवरी से लेकर 20 जनवरी तक की 3 राज्यों की कुल 11 जगहों पर रेड के बाद 2 अल्ट्रा लग्जरी गाड़ियां और 3 लाख कैश मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जब्त किया है। ये कार्रवाई ईडी द्वारा व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज़ के खिलाफ की गई है। ईडी की टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम, पंचकूला, जींद, पंजाब के मोहाली और मुंबई की कुल 11 लोकेशन पर सर्च की थी। सोमवार को रात में जारी किए गए एक बयानों में ईडी ने इस रेडी की जानकारी साझा की। कुल 11 स्थानों और 6 कंपनियों के कार्यालयों में हुई रेड जालंधर ईडी ने बताया कि टीमों ने 17 जनवरी से लेकर 20 जनवरी तक कुल ग्यारह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और गाड़ियों, पैसे सहित अन्य कई डिवाइस सीज किए गए। कंपनियों में व्यूनाउ इंफ्राटेक लिमिटेड, बिग बॉय टॉयज, मंडेशी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, प्लैंकडॉट प्राइवेट लिमिटेड, बाइटकैनवस एलएलपी, स्काईवर्स, स्काईलिंक नेटवर्क और संबंधित संस्थाओं व व्यक्तियों के आवासीय और व्यावसायिक परिसर शामिल थे। व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया गया था। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न एक लैंड क्रूजर (2.20 करोड़), मर्सिडिज जी-वैगन (4 करोड़), 3 लाख रुपये की नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। लोगों को गुमराह कर एसएलबी मॉडल के पैसे निवेश करवाए ईडी ने गौतमबुद्ध नगर, नोएडा पुलिस द्वारा बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी। ये एफआईआर ईडी द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। ईडी की जांच से पता चला है कि व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड (मेसर्स वीएमएसएल) ने अन्य समूह संस्थाओं के साथ मिलीभगत करके विभिन्न निवेशकों को क्लाउड पार्टिकल्स बेचने और उन पार्टिकल्स को वापस लीज पर देने (एसएलबी मॉडल) की आड़ में उच्च किराये के रिटर्न का वादा करके अपना पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जबकि इसके लिए कोई पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं था। इससे पहले भी हो चुकी उक्त कंपनी पर रेड आपराधिक गतिविधियों से उत्पन्न अपराध की आय (पीओसी) को मेसर्स वीएमएसएल और समूह की कंपनियों द्वारा विभिन्न शानदार वाहनों की खरीद, शेल कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये के फंड को रूट करने और संपत्तियों में निवेश के माध्यम से आगे डायवर्ट किया गया। बता दें कि इससे पहले पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 26 नवंबर 2024 को व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और संबंधित संस्थाओं के विभिन्न परिसरों में तलाशी भी ली गई थी।


