जालंधर के नए बिशप बने फादर जोस

भास्कर न्यूज | जालंधर पोप लियो चौदह ने फादर जोस सेबास्टियन थेक्कुमचेरीकुन्नेल को जालंधर का नया बिशप नियुक्त किया है। यह घोषणा शनिवार को की गई। 63 वर्षीय फादर जोस इस समय डायोसिस के फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेटर हैं। फादर जोस का जन्म 24 दिसंबर 1962 को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर केरल के कलाकेट्टी में हुआ था। उन्हें एक मई 1991 को जालंधर डायोसिस के लिए पादरी नियुक्त किया गया। 1982 से 1991 तक उन्होंने नागपुर के सेंट चार्ल्स इंटर-डायोसिसन सेमिनरी में दर्शन और धर्मशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद 2002 से 2004 तक रोम की पोन्शिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी से कैनन लॉ में लाइसेंस प्राप्त किया। फादर जोस ने विभिन्न स्थानों पर विभिन्न पदों के अलावा माइनर सेमिनरी के वाइस रेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर और सेंट फ्रांसिस स्कूल के प्रिंसिपल, डायोसिसन बोर्ड ऑफ एजुकेशन, प्रेसबिटेरल काउंसिल और करिश्माई टीम के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। रोम से पढ़ाई के बाद वे जालंधर लौटे। वाइस चांसलर, डिफेंडर ऑफ द बॉन्ड और विलेज कैटेचेसिस के डायरेक्टर बने। 2007 से 2020 तक डायोसिस के चांसलर और ज्यूडिशियल विकर रहे। होली ट्रिनिटी रीजनल मेजर सेमिनरी, जालंधर में पढ़ाया। वहां धर्मशास्त्र विभाग के प्रमुख और गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रहे। 2020 से 2022 तक जालंधर कैंट के सेंट मैरी कैथेड्रल के रेक्टर और पादरी रहे। इस समय फगवाड़ा के सेंट जोसेफ चर्च के पादरी और सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के डायरेक्टर हैं। जालंधर के नए बिशप फादर जोस सेबास्टियन थेक्कुमचेरीकुन्नेल।

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