जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर एक भावुक और मानवता से भरा दृश्य देखने को मिला, जब एक महिला ने चलती ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया। यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है, जब कामाख्या एक्सप्रेस जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही रेलवे पुलिस और मौके पर मौजूद स्टाफ की तत्परता से मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बचा ली गई। रेलवे पुलिस, आरपीएफ और रेलवे डॉक्टर की संयुक्त कार्रवाई से समय रहते महिला को प्राथमिक उपचार मिला, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार जीआरपी एएसआई अशोक कुमार, एएसआई राजविंदर सिंह, एएसआई आस मोहम्मद और लेडी सिपाही सुरेखा रानी प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर नियमित चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कामाख्या एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी। ट्रेन के कोच नंबर बी-5 में यात्रा कर रही महिला पुनीता देवी, अपने पति राज कुमार और दो छोटे बच्चों के साथ श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा से कप्तान-गंज (उत्तर प्रदेश) जा रही थी। इस यात्रा के दौरान अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और ट्रेन में ही उसकी डिलीवरी हो गई। रेलवे के डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और रेलवे स्टाफ तुरंत हरकत में आया। रेलवे के डॉक्टर को तत्काल मौके पर बुलाया गया। महिला, उसके पति और दोनों बच्चों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से नीचे उतारा गया। प्लेटफॉर्म पर ही जच्चा और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता से बचा जा सके। सिविल अस्पताल में महिला को भर्ती कराया गया महिला की प्राथमिक जांच के बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई और महिला व नवजात को बेहतर इलाज के लिए सिविल अस्पताल जालंधर भेजा गया।रेलवे पुलिस और आरपीएफ की सूझबूझ और तत्परता के कारण मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने दोनों की स्थिति को स्थिर बताया है। इस घटना के बाद यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों ने रेलवे पुलिस और स्टाफ की प्रशंसा की। समय पर की गई कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि आपात स्थिति में रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करता है।


