जालंधर पठानकोट चौक के पास रिहायशी इलाके में घुसा सांभर:दहशत का माहौल, वन विभाग और पीसीआर टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा

जालंधर के पठानकोट चौक के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जंगली सांभर रिहायशी इलाके की सड़कों पर घूमता नजर आया। सर्दी और घुंध के मौसम में खाने की तलाश में जंगल से भटककर शहर में पहुंचे सांभर को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद सांभर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन विभाग ने इलाज के बाद उसे जंगल में छोड़ने की बात कही है। जानकारी के अनुसार, सर्दी और लगातार पड़ रही घुंध के कारण इन दिनों जंगली जानवरों का जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंचने का सिलसिला बढ़ गया है। इसी कड़ी में शहर के पठानकोट चौक के नजदीक स्थित रिहायशी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बड़ा सांभर अचानक सड़कों पर दिखाई दिया। सुबह के समय लोगों ने सांभर को सड़क पर दौड़ते देखा, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों में डर का माहौल बन गया। घबराकर इधर-उधर भागने लगे लोग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया की जैसे ही सांभर ने लोगों को अपनी ओर आते देखा, वह घबराकर इधर-उधर भागने लगा और आखिरकार पास ही स्थित एक खाली प्लॉट में घुस गया। सांभर के शहर में घुसने की सूचना तुरंत लोगों द्वारा कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही पीसीआर टीम और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सांभर का किया रेस्क्यू ऑपरेशन मौके पर पहुंची टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती सांभर को बिना नुकसान पहुंचाए काबू में करना था। सांभर काफी घबराया हुआ था और बार-बार भागने की कोशिश कर रहा था। वन विभाग के अधिकारियों ने पूरी सावधानी के साथ पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद ली। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने सांभर को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में सांभर कमजोर और थका हुआ प्रतीत हो रहा है, संभवतः वह कई दिनों से भोजन की तलाश में भटक रहा था। उन्होंने कहा कि सांभर का प्राथमिक इलाज किया जाएगा और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे होशियारपुर के जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। वहीं पीसीआर टीम ने बताया कि कंट्रोल रूम से उन्हें सूचना मिली थी कि पठानकोट चौक के पास एक खाली प्लॉट में सांभर घुस गया है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की तत्परता की सराहना की। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी जंगली जानवर को रिहायशी इलाके में देखें तो खुद उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन या कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

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