जालंधर के गुलाब मोहल्ले में साझा तौर पर लगाए गए धार्मिक समागम के बोर्ड (होर्डिंग) को फाड़ने और आपसी रंजिश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर बोर्ड को नुकसान पहुंचाया, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने का तरीका है। पुलिस को शिकायत दे दी गई है और कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। मामला तब शुरू हुआ जब मोहल्ले के लोगों ने मिलकर एक धार्मिक समागम के लिए साझा बोर्ड लगाया था। बताया जा रहा है कि इस बोर्ड पर संस्था और परिवार की फोटो लगी हुई थी। बोर्ड लगाने का उद्देश्य हिंदू समागम को बढ़ावा देना था, जिसमें पूरे मोहल्ले की सहमति शामिल थी। शिकायतकर्ता बोला- कुछ असामाजिक तत्वों ने आपत्ति जताई शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने इस बोर्ड को लेकर आपत्ति जताई और इसे फाड़ दिया। चर्चा है कि यह विवाद किसी पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी या ‘रंजिश’ का नतीजा हो सकता है। वीडियो साक्ष्यों में कुछ लोगों को बोर्ड हटाने या फाड़ने की धमकी देते हुए भी सुना जा रहा है। विवाद के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ लोग कानूनी कार्रवाई (पर्चा दर्ज होने) से नहीं डर रहे हैं। उनका रुख इतना सख्त था कि उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उन्हें पुलिस केस मंजूर है, लेकिन वे बोर्ड को वहां रहने नहीं देंगे। इस आक्रामक रवैये के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने थाने के मुंशी और पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दे दी है। उनकी मांग है कि जिन्होंने बोर्ड फाड़ा है और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


