जालंधर के सिविल अस्पताल में आज स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने सांझ राहत केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट, पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों द्वारा जालंधर दौरे पर पहुंची स्पेशल डीजीपी का स्वागत किया गया। महिलाओं के लिए शुरू हुआ विशेष राहत और काउंसलिंग सेंटर स्पेशल डीजीपी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज से सांझ राहत केंद्र की शुरुआत की गई है। यह केंद्र पंजाब पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट, स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी और डिस्ट्रिक्ट लीगल अथॉरिटी की अगुवाई में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मामलों में सहायता के लिए यहां 2 काउंसलर नियुक्त किए गए हैं। यह केंद्र नई शुरुआत नामक एनजीओ द्वारा चलाया जाएगा। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले केसों को मिलेगा समाधान स्पेशल डीजीपी ने बताया कि सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में कई बार महिलाओं पर अत्याचार और घरेलू हिंसा के मामले सामने आते हैं। लेकिन डॉक्टरों पर मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण वे पीड़ित महिलाओं को उचित काउंसलिंग नहीं दे पाते। ऐसे में अब इस राहत केंद्र के जरिए पीड़ित महिलाओं को मानसिक और कानूनी सहायता दी जाएगी। डोमेस्टिक वायलेंस पीड़ितों की बार-बार अस्पताल आने की समस्या होगी कम उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं बार-बार अस्पताल आती हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता। अब यह केंद्र उनकी मदद करेगा और काउंसलर लगातार उनके संपर्क में रहेंगे। पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मोहाली, लुधियाना में पहले से चल रहे हैं ऐसे सेंटर स्पेशल डीजीपी ने बताया कि मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में पहले से ऐसे राहत केंद्र कार्यरत हैं। वहां 1000 में से करीब 750 मामलों में केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें पॉइजनिंग के मामले भी शामिल रहे हैं। महिलाओं को दोबारा आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा केंद्र इस सेंटर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम काम करेगी। केंद्र का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। सिविल अस्पताल में आने वाली पीड़ित महिलाओं के अलावा बाहर से भी महिलाएं यहां काउंसलिंग ले सकती हैं। काउंसलर थानों में जाकर पीड़ित महिलाओं से मुलाकात करेंगी और जरूरत पड़ने पर उनके घर जाकर भी जांच करेंगी।


